सुधीर तिवारी, बलिया

---------------

लोकसभा क्षेत्र बलिया में मतगणना के अंत तक रस्साकसी का खेल चलता रहा। वह भी इस कदर कि दोनों दलों के कार्यकर्ताओं का दिल पूरी गिनती धड़कता रहा। कोई टीवी पर नजर बनाए हुए था तो कोई आयोग की वेबसाइट पर हर पल के साथ अपडेट था, लेकिन जैसे ही मस्त की जीत की घोषणा हुई, एक खेमा खुशी से झूम उठा तो दूसरा गम में डूब गया। वीरेंद्र सिंह मस्त पहले के पहलवान रहे हैं और देखा जाए तो उनके इस चुनावी दंगल में भी पहलवानी जैसी ही दांव-पेच देखने को मिली। बलिया संसदीय सीट पर जैसे ही मतगणना शुरू हुई, दोनों उम्मीदवारों में आगे-पीछे का खेल चलता रहा। कभी भारतीय जनता पार्टी के मस्त गठबंधन के प्रत्याशी सनातन पांडेय पर भारी पड़ रहे थे, तो कभी गठबंधन भाजपा से हजार वोटों से आगे चल रहा था। ठीक अंतिम समय में धीरे-धीरे मस्त के पीछे होने का अंतर कम होने लगा और यह निर्णायक बढ़त का रूप ले लिया। फिर कुछ ही देर में मस्त ने इस चुनावी अखाड़े को अपने नाम कर लिया। पहलवानी में भी दांव-पेच अपना चुके मस्त का यह चुनाव भी ठीक पहलवानी की तरह शह और मात का खेल बना रहा। चंद्रशेखर का सपना अब होगा पूरा : एचएन शर्मा

पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के निजी सचिव रहे एचएन शर्मा ने कहा कि वीरेंद्र सिंह मस्त के बलिया के सांसद बनने से काफी हद तक पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की लंबे समय से चली आ रही कमी बलिया से लेकर सदन तक पूरी होगी। बलिया के विकास को नया आयाम अब मिलेगा। चंद्रशेखर के जाने बाद बलिया खुद को अधूरा महसूस कर रहा था, लेकिन आशा है कि उनकी सीट से वीरेंद्र सिंह मस्त के संसद में पहुंचने के बाद वह कमी दूर होगी।

लोकसभा चुनाव और क्रिकेट से संबंधित अपडेट पाने के लिए डाउनलोड करें जागरण एप

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस