विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बल‍िया में प्रतिष्ठा के लिए पति ने पत्नी और दृष्टिबाधित बेटी को मार डाला, पुलिस ने किया राज उजागर

By Vns Milan K. Gupta Edited By: Abhishek sharma
Published: Sat, 19 Sep 2026 01:41 PM (IST)

बलिया के रसड़ा क्षेत्र में मां-बेटी की हत्या का पुलिस ने खुलासा किया है। पति रामचीज गुप्ता ने सामाजिक प्रतिष्ठा ...और पढ़ें

बलिया में प्रतिष्ठा के लिए पति ने पत्नी और दृष्टिबाधित बेटी को मारा, पुलिस ने किया खुलासा।

बलिया में प्रतिष्ठा के लिए पति ने पत्नी और दृष्टिबाधित बेटी को मारा, पुलिस ने किया खुलासा।

HighLights

  1. बलिया में मां-बेटी की हत्या का पुलिस ने किया राजफाश।

  2. पति रामचीज गुप्ता ने सामाजिक प्रतिष्ठा के लिए की हत्या।

  3. दो अन्य आरोपियों को भी पुलिस ने किया गिरफ्तार।

जागरण संवाददाता, बलिया। रसड़ा क्षेत्र के मुस्तफाबाद गांव में मां-बेटी की हत्या का पुलिस ने शनिवार को राजफाश कर दिया। स्वाट, सर्विलांस और रसड़ा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मामले में परिवार के मुखिया रामचीज गुप्ता समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, 70 वर्षीय रामचीज ने पत्नी मानती देवी और दृष्टिबाधित बेटी गौरी की हत्या की साजिश रची थी।

इसमें गांव के ही 32 वर्षीय चंदन यादव और 35 वर्षीय दिनेश गुप्ता ने उसका साथ दिया। आरोपितों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त लोहे का दाव और घटना के समय पहने गए दो कपड़े बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक, 16 सितंबर की रात रामचीज घर पहुंचा और पत्नी मानती देवी की हत्या की सूचना देकर मामले को अज्ञात हत्यारों की करतूत बताने का प्रयास किया।

बेटी गौरी के घर पर न मिलने पर तलाश की गई तो उसका शव घर के पास खेत में मिला। इसके बाद रामचीज की तहरीर पर 17 सितंबर को रसड़ा थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

मानसिक स्थिति और बेटी के दृष्टिबाधित होने को लेकर था परेशान
पुलिस की विवेचना में सामने आया कि मानती देवी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती थी और वह कई बार घर से चली जाती थीं। पुलिस के अनुसार, बेटी गौरी दृष्टिबाधित थी और मां के घर से चले जाने पर उसे दूसरों के घर मांगकर भोजन करना पड़ता था। इन परिस्थितियों को लेकर रामचीज कथित रूप से सामाजिक प्रतिष्ठा को लेकर परेशान था।

पुलिस का दावा है कि रामचीज ने घटना से पहले मुस्तफाबाद चट्टी पर पत्नी और बेटी को जान से मारने अथवा खुद मर जाने की बात भी कही थी। इसके बाद उसने गांव के चंदन यादव और दिनेश गुप्ता को अपनी साजिश के बारे में बताया। पुलिस के अनुसार, दोनों पहले तैयार नहीं हुए, लेकिन 16 सितंबर को वह रामचीज के साथ हो गए।

हत्या के बाद बेटी का शव खेत में रखा, घर में खून साफ कर फैलाया भ्रम
पुलिस के अनुसार, 16 सितंबर की शाम करीब सात बजे तीनों ने मिलकर मानती देवी और गौरी की हत्या की। इसके बाद गौरी के शव को घर के पास खेत में रख दिया गया। रामचीज ने घर में फैले खून को साफ किया और गांव में यह बात बताने का प्रयास किया कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी पत्नी और बेटी की हत्या कर दी है।

जांच के दौरान पुलिस ने घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्यों को एकत्र किया और आरोपितों की भूमिका सामने आने का दावा किया। शनिवार 19 सितंबर को मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने सिधागरघाट से तीनों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

घटना के समय पहने कपड़े बरामद
पुलिस के अनुसार, आरोपितों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त एक लोहे का दाव बरामद किया गया। इसके अलावा रामचीज का घटना के समय पहना हुआ कुर्ता और चंदन यादव की टी-शर्ट भी बरामद की गई है। पुलिस ने तीनों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई पूरी कर उन्हें न्यायालय भेज दिया।