बलिया में चाइल्ड हेल्पलाइन के शौचालय से खिड़की के रास्ते बालिका फरार, सुपरवाइजर और महिला कांस्टेबल पर मुकदमा
बलिया के चाइल्ड हेल्पलाइन से एक 16 वर्षीय बालिका शौचालय की खिड़की से फरार हो गई। इस मामले में लापरवाही ...और पढ़ें

बलिया चाइल्ड हेल्पलाइन से बालिका फरार: सुपरवाइजर और महिला कांस्टेबल पर दर्ज हुआ मुकदमा।
HighLights
बलिया चाइल्ड हेल्पलाइन से 16 वर्षीय बालिका फरार हुई।
शौचालय की खिड़की से निकलकर बालिका ने दी चकमा।
सुपरवाइजर, महिला कांस्टेबल पर लापरवाही का मुकदमा दर्ज।
जागरण संवाददाता, बलिया। चाइल्ड हेल्पलाइन बलिया में आवासित गुमशुदा 16 वर्षीय बालिका शौचालय की खिड़की के रास्ते निकलकर फरार हो गई। घटना 20 सितंबर की सुबह की बताई गई है। मामले में जिला प्रोबेशन अधिकारी डा. अमरेंद्र कुमार पोत्षायन ने कोतवाली पुलिस को तहरीर देकर सोमवार को सुपरवाइजर व महिला कांस्टेबल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। बालिका की तलाश में पुलिस अब भी जुटी है। जांच में पता चला है कि बालिका बोलने में अक्षम है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी की ओर से कोतवाली थाने में दी गई तहरीर के अनुसार, गुमशुदा बालिका को 19 जून 2026 को भोर करीब 2:18 बजे बैरिया थाने के एसआइ समित सिंह, हेड कांस्टेबल सुनील यादव और महिला हेड कांस्टेबल सिंकी गोड ने चाइल्ड हेल्पलाइन बलिया में आवासित कराया था। बालिका इससे पूर्व सुरेमनपुर स्थित एक ट्रेन से उतरी थी।
बालिका को भटकते देख वहां के लोगों ने 112 पर फोन किया, जिसके बाद उसे टीम लेकर आई थी। बताया गया कि 20 सितंबर को सुबह 10:50 से 11:15 बजे के बीच बालिका चाइल्ड हेल्पलाइन के शौचालय में गई। उसने अंदर से दरवाजे की कुंडी बंद कर ली और खिड़की के रास्ते बाहर निकलकर फरार हो गई। उस समय केंद्र पर सुपरवाइजर शिल्पा और बैरिया थाने की महिला कांस्टेबल रीमा की ड्यूटी थी।
तलाश के बाद भी नहीं मिली बालिका
बालिका के शौचालय से निकलने की जानकारी होने पर चाइल्ड हेल्पलाइन के कर्मचारियों ने आसपास उसकी खोजबीन की, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। इसके बाद जिला प्रोबेशन अधिकारी को मामले की जानकारी दी गई। उन्होंने पुलिस से नियमानुसार कार्रवाई करते हुए प्राथमिकी दर्ज करने का अनुरोध किया।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर बालिका की तलाश शुरू कर दी है। मामले की जानकारी निदेशक महिला कल्याण, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक सहित संबंधित अधिकारियों को भी दी गई है। जिला बाल संरक्षण इकाई और चाइल्ड हेल्पलाइन को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
