जागरण संवाददाता, बलिया : जनपद में घाघरा संग गंगा के जलस्तर में भी बढ़ाव तेजी से हो रहा है। दो दिनों में गंगा के जलस्तर में भी तेजी आने से लोग भयभीत होने लगे है। वहीं घाघरा के जलस्तर में तेज गति से बढ़ाव की ओर है। यह बढ़ाव सोमवार दोपहर में भले ही ठहर गया ¨कतु अयोध्या व मऊ के बाद मंगलवार की सुबह तक बलिया में भी खतरा निशान पार करने की पूरी संभावना है। केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार ने इसकी संभावना जताते हुए हाई अलर्ट कर जारी कर दिया है।

बेल्थरा में डेंजर लेवल से 16 सेंटीमीटर दूर घाघरा

बिल्थरारोड : नदी का जलस्तर फिलहार डेंजर लेवल से महज 16 सेंटीमीटर दूर है। केंद्रीय जल आयोग तुर्तीपार बिल्थरारोड के विभागीय रिपोर्ट के अनुसार सोमवार दोपहर एक बजे नदी का जलस्तर 63.850 मीटर दर्ज किया गया। दोपहर बाद नदी में जारी बढ़ाव रुक गया ¨कतु अगले 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 16 सेंटीमीटर बढ़ाव होने की संभावना जताई गई है। इसके बाद नदी खतरा निशान 64.01 मीटर पार कर जाएगी। नदी के जलस्तर में लगातार जारी बढ़ाव से तटवर्ती इलाकों से टकराती नदी और रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश से कटान भी तेज हो गया है। बिल्थरारोड तुर्तीपार रेगुलेटर से लगायत, बेल्थराबाजार, सहिया, रामपुर, हल्दीरामपुर के साथ ही तुर्तीपार, मुजौना, खैरा, चैनपुर, मठिया व टंगुनिया के तटवर्ती इलाकों में नदी की कटान तेज हो गई है। इससे तटवर्ती इलाके के लोगों में दहशत व्याप्त है। लोग अभी से अपने स्तर से नदी के कटान से बचने को उपाय में जुट गए है। कटान से बचाव को समय रहते नहीं हुए उपाय

क्षेत्र के बेल्थराबाजार, सहिया, तुर्तीपार मल्लाह बस्ती, मुजौना, खैरा, चैनपुर मठिया, छोटकी टंगुनिया आदि गांव में घाघरा नदी के तटवर्ती रिहायशी इलाका को बाढ़ से बचाव को समय रहते कोई कारगर कदम न उठाए जाने से लोगों में जबरदस्त आक्रोश व्याप्त है। जहां जनपद के प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा, मंत्री उपेंद्र तिवारी, डीएम भवानी ¨सह खंगरौत से लगायत क्षेत्रीय विधायक धनंजय कन्नौजिया ने भी समय पूर्व ही निरीक्षण तो किया था। कारगर कदम उठाने का भरोसा भी दिलाया था ¨कतु बरसात पूर्व व नदी के बाढ़ व कटान से बचाव को समय रहते समय रहते जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसके कारण तटवर्ती इलाकों की स्थिति भगवान भरोसे बनी हुई है।

सतर्क हुई बाढ़ चौकियां, एसडीएम ने किया निरीक्षण

एसडीएम राधेश्याम पाठक ने सोमवार को तहसीलदार लालबाबू दुबे संग घाघरा नदी के तटवर्ती इलाकों का निरीक्षण किया और बेल्थराबाजार, सहिया से लगायत तुर्तीपार तक के संभावित बाढ़ से प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। एसडीएम ने बताया कि बाढ़ की आशंका को देखते हुए आठ बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है और संभावित बाढ़ के इलाकों की निगरानी को अस्पताल, पशुपालन, राजस्व व पुलिस विभाग को आवश्यक निर्देश जारी कर सतर्क कर दिया गया है। ताकि प्रभावित इलाकों तक तत्काल आवश्यक सुरक्षा व सुविधा मुहैया कराया जा सके।

स्थान बदल कर हमला कर सकती है घाघरा

बैरिया : द्वाबा के पूर्वी छोर पर जयप्रकाशनगर, अठगांवा, घुरी टोला को घाघरा के कटान से बचाने के लिए जिस स्थान पर कार्य हुआ है वहां भले ही खतरा कम हो गया है ¨कतु घाघरा स्थान बदल र उससे कुछ दूरी पर जहां काम नहीं हुआ है हमला कर सकती है। बीएसटी बांध को सुरक्षित करने के लिए तीन सेक्टर में बांट कर कटानरोधी काम कराया गया है। वहीं आबादी और स्पर के बाद कोई कटानरोधी कार्य नहीं हुआ है। जिसको लेकर ग्रामीणों की धड़कने तेज होने लगी है। वहीं जहां पर कटानरोधी कार्य हो रहा है वहां भी कार्य का स्पीड काफी धीमा है। जिलाधिकारी भवानी ¨सह खंगारौत ने कटानरोधी कार्य संपन्न कराने का समय सीमा 30 जून निर्धारित किया था ¨कतु 30 जुलाई बीत गया। इसके बावजूद भी काम पूरा नहीं हो सका है। बाढ़ विभाग के एई अनिल कुमार कहते हैं कि 90 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है, शेष बहुत जल्द पूरा कर लिया जाएगा। किसी भी हालत में बीएसटी बंधा को नदी के कटान में कटने नहीं दिया जाएगा। अगर बीएसटी बंधा का कटान नहीं होगा तो जयप्रकाशनगर की सुरक्षा पर कोई आंच नहीं आएगी।

गंगा के जलस्तर में भी वृद्धि से तटवर्ती लोगों में दहशत

बैरिया : गंगा के जलस्तर में भी जैसे-जैसे वृद्धि हो रही है, वैसे-वैसे गंगा क्षेत्र के तटवर्ती इलाकों में दहशत का माहौल होने लगा है। गंगा की जलस्तर में वृद्धि से सबसे ज्यादा दहशत सुघर छपरा व केहरपुर के लोगों में दिख रहा है। विगत दो दिनों से जिस गति से गंगा का पानी बढ़ रहा है। इसी रफ्तार से अगर और दो दिन गंगा का पानी बढ़ गया तो बाढ़ का खतरा पैदा हो जाएगा। लोगों ने बताया कि उदई छपरा व दुबेछपरा में ठोकर बन जाने से गंगा की धारा का दबाव केहरपुर सुघर छपरा की तरफ हो गया है। इसके चलते कभी भी केहरपुर व सुघर छपरा गंगा में विलीन हो सकते हैं। साथ ही दुर्जनपुर, गंगापुर गंगा घाट सहित अवशेष गंगापुर, सोनार टोला, मीनापुर, दुर्जनपुर, शाहपुर, चौबे छपरा सहित एनएच 31 पर भी खतरा मंडराने लगा है। बाढ़ विभाग द्वारा पार्कोपाइन विधि से गंगापुर घाट पर कटान रोकने के लिए कार्य किया गया है ¨कतु इस विधि से हुए कटानरोधी कार्य से लोग संतुष्ट नहीं है। लोगों का कहना है कि गंगा से एनएच 31 की दूरी महज बीस मीटर की है। गंगा में जिस गति से जलवृद्धि हो रही है, अगर प्रशासन अगर तत्काल सतर्क नहीं हुआ तो लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। क्षेत्रीय ग्रामीणों ने शासन प्रशासन का ध्यान इस तरफ आकृष्ट किया है।

गंगा का जलस्तर 54.25 मीटर

मझौंवा : अचानक जलस्तर में वृद्धि में वृद्धि होने कारण गंगा उफान पर आ गई। सोमवार को प्रात: आठ बजे केंद्रीय जल आदारों के गायघाट केंद्र पर गंगा का जलस्तर 54.25 मीटर दर्ज किया गया। गायघाट में 56.615 मीटर चेतावनी व 57.615 मीटर खतरा ¨बदू निर्धारित है। गंगा का पानी हालांकि नदी के पेटे के भीतर है लेकिन डूब क्षेत्र में पानी फैलाव होने से परवल, हरी सब्जियों के खेतों का क्षति होने लगी है।

Posted By: Jagran

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