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बल‍िया में चार घर सरयू में समा गए, आधा दर्जन पर मंडरा रहा खतरा, पलायन की तैयारी में बाढ़ प्रभाव‍ित

By Vns Milan K. Gupta Edited By: Abhishek sharma
Published: Fri, 18 Sep 2026 03:21 PM (IST)

बलिया के बैरिया में सरयू नदी का कटान तेज हो गया है, जिससे गोपाल नगर टाड़ी में चार रिहायशी मकान ...और पढ़ें

बलिया में सरयू नदी का कटान तेज, चार घर बहे, कई और खतरे में, ग्रामीणों में दहशत।

बलिया में सरयू नदी का कटान तेज, चार घर बहे, कई और खतरे में, ग्रामीणों में दहशत।

HighLights

  1. गोपाल नगर टाड़ी में चार रिहायशी मकान नदी में समा गए।

  2. करीब आधा दर्जन अन्य मकान कटान के मुहाने पर पहुंच गए हैं।

  3. ग्रामीण प्रशासन से तत्काल राहत और बचाव कार्य की मांग कर रहे हैं।

जागरण संवाददाता, बैरिया (बलिया)। सरयू नदी का जलस्तर स्थिर है, इसके बावजूद सुरेमनपुर दियरांचल में नदी का कटान एक बार फिर तेज हो गया है। गोपाल नगर टाड़ी में बीती रात से शुरू हुए कटान ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। देखते ही देखते चार रिहायशी मकान नदी की धारा में समा गए, जबकि करीब आधा दर्जन अन्य मकान कटान के मुहाने पर पहुंच गए हैं। नदी का रुख आबादी की ओर बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत है।

गोपाल नगर टाड़ी निवासी रामनरेश यादव, राम पलट यादव, सत्येंद्र यादव और साधु यादव के मकान कटकर सरयू में विलीन हो गए। अचानक कटान शुरू होने से प्रभावित परिवारों के सामने सिर छिपाने की समस्या खड़ी हो गई है। परिवार के लोग अपने जरूरी सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में जुटे हैं। कटान की रफ्तार को देखते हुए ग्रामीण रातभर चिंतित रहे।

पल-पल बढ़ रहा खतरा
राम नारायण यादव, कमलेश यादव, बाबूराम यादव, फिरंगी यादव और रामबाबू यादव समेत करीब आधा दर्जन ग्रामीणों के मकान अब कटान की जद में हैं। नदी की धारा लगातार किनारे की मिट्टी को काट रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कटान इसी गति से जारी रहा तो इन मकानों को भी बचाना मुश्किल होगा।

कटान से केवल आबादी ही प्रभावित नहीं हो रही है, बल्कि बड़ी मात्रा में उपजाऊ कृषि भूमि भी नदी में समाती जा रही है। शिवाल मठिया, गोपाल नगर और वशिष्ठ नगर गांव के सामने सरयू की धारा खेतों को लगातार काट रही है। चाई छपरा-अधिसिझुआ के सामने भी उपजाऊ भूमि तेजी से नदी में विलीन हो रही है। इससे किसानों के सामने खेती की जमीन बचाने की चुनौती खड़ी हो गई है।

जलजमाव और सड़ांध से भी परेशानी
कटान के साथ ही ग्रामीण जलजमाव और कीचड़ की समस्या से भी जूझ रहे हैं। लगातार बारिश के कारण गांव की स्थिति और खराब हो गई है। हालांकि बारिश के कारण सड़ांध की स्थिति में कुछ सुधार हुआ है, लेकिन दुर्गंध की समस्या अभी भी बनी हुई है। इससे ग्रामीणों को आवागमन के साथ ही दैनिक जीवन में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि कटान अचानक तेज हुआ है और कई घर खतरे की जद में हैं। इसके बावजूद समाचार लिखे जाने तक तहसील प्रशासन का कोई अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने नहीं आया था। प्रभावित ग्रामीण प्रशासन की ओर से तत्काल राहत और बचाव की कार्रवाई की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल मौके पर भेजने, प्रभावित परिवारों को राहत उपलब्ध कराने तथा कटान रोकने के लिए आवश्यक उपाय कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय रहते बचाव कार्य शुरू नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में कई और मकान तथा कृषि भूमि सरयू की धारा में समा सकती है।