जागरण संवाददाता, बलिया : ठंड के मौसम में कोहरे के कारण ट्रेनों की रफ्तार पर असर पड़ता है। इससे हादसे भी होते हैं। ऐसे में इस समस्या से निजात पाने के लिए तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। इसके लिए ट्रेनों के इंजन में फाग सेफ डिवाइस लगाई गई हैं। वाराणसी, लखनऊ सहित अन्य मंडलों में एक्सप्रेस, मेल, पैसेंजर व मालगाड़ी के इंजनों में फाग सेफ डिवाइस लगाई गई है। वाराणसी में सभी ट्रेनों में उपकरण लग चुके हैं। ऐसे काम करती है डिवाइस :

फाग सेफ डिवाइस जीपीएस आधारित एक उपकरण है। यह लोको पायलट को आगे आने वाले सिग्नल का संकेत देता है। इसके बाद लोको पायलट ट्रेनों की रफ्तार को नियंत्रित करते हैं। जाड़े में ट्रैक पर ट्रेनें आसानी से दौड़ेंगी। हादसों का जोखिम भी कम होगा। 75 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौड़ती रहेंगी गाड़ियां :

इससे समय की बचत के साथ दुर्घटनाओं पर अंकुश लगेगा। ट्रेनें अधिकतम 75 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौड़ती रहेंगी। कोहरे में भी लोको पायलट परेशान नहीं होंगे। इसके साथ समपार व स्टेशन के आउट व इनडोर सिगल खंभे पर रिफ्लेक्टर स्टिकर व सफेद पेंट किया गया है।

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कोहरे में ट्रेनों के बेहतर संचालन व दुर्घटना रोकने के लिए मंडल की सभी ट्रेनों के इंजन में फाग सेफ डिवाइस लगा दी गई है। इससे लोको पायलट को आने वाले स्टेशन व क्रासिग के बारे में एक किलोमीटर पहले ही पता चल जाता है। --अशोक कुमार, जनसंपर्क अधिकारी, वाराणसी।

Edited By: Jagran