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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 21, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ददरी मेले के मीना बाजार में पहला संडे हाउसफुल

By JagranEdited By:
Published: Sun, 21 Nov 2021 06:49 PM (IST)

जागरण संवाददाता बलिया ऐतिहासिक ददरी मेले के मीना बाजार में पहले संडे को काफी भीड़ र

ददरी मेले के मीना बाजार में पहला संडे हाउसफुल
ददरी मेले के मीना बाजार में पहला संडे हाउसफुल

जागरण संवाददाता, बलिया : ऐतिहासिक ददरी मेले के मीना बाजार में पहले संडे को काफी भीड़ रही। परिवार संग पहुंचे लोगों ने मेले का पूरा लुत्फ उठाया। साथ ही जमकर सामानों की खरीदारी की। इससे मेले में पूरे दिन चहल-पहल बनी रही है। मेले में करीब 50 लाख से ऊपर का कारोबार हुआ। इससे व्यापारियों के चेहरे खिले रहे। सुबह ही ग्रामीण क्षेत्र से लोग मेला में परिवार के साथ पहुंचने लगे। सबसे अधिक बच्चे उत्साहित दिखाई दे रहे थे। बच्चे खिलौने के आइटमों की तरफ परिवार के सदस्यों को खींचने में लगे रहे। भीड़ एक छोर से दूसरे छोर तक टहलती रही। जलेबी, छोला, डोसा व अन्य आइटमों की दुकानों पर हर वक्त भीड़ रही। महिलाएं श्रृंगार संग घरेलू सामान की खरीदारी करतीं रहीं। गर्म कपड़ों की दुकानों पर लोगों ने शाल, कंबल, चादर आदि खरीदे। सर्कस का भी लोगों ने आनंद उठाया। युवा गुब्बारे पर निशाना लगाते रहे। मेले में रास्ता उबड़-खाबड़ होने के कारण लोगों को काफी परेशानी हुई। सुरक्षा को लेकर मेला प्रभारी नंद जी तिवारी अपने हमराहियों के साथ चक्रमण करते रहे।

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ग्राहकों को लुभा रहा खादी का उत्पाद

खादी और ग्रामोद्योग की प्रदर्शनी युवाओं को खूब लुभा रही है। खादी के डिजाइनर जैकेट, शर्ट ही नहीं अन्य तैयार परिधान लोगों को पसंद आ रहे है। मेले में लोगों की अच्छी भीड़ रही। हर्बल उत्पाद, आचार मुरब्बा, पापड़, कश्मीरी शहद, ड्राई फूट्स, मिट्टी से बने कलात्मक एवं सजावटी सामान, कारपेट, चर्म से बने उत्पाद एवं साबुन तेल इत्यादि ग्रामोद्योग उत्पादों की दुकानें लगी हैं।

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झूला व चर्खी बंद होने से मायूस दिखे लोग

ददरी मेले में पहले संडे को ही झूला व चर्खी नहीं चलने से लोग मायूस दिखे। वहीं व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। मेले में बड़े वाले झूला व चर्खी खड़े हो गए हैं। लोग मेले में पहले झूले की तरफ ही जा रहे थे। उसके नहीं चलने पर चेहरे में मायूसी साफ झलक रही थी। प्रशासन से एनओसी नहीं मिलने के कारण इन सभी पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। ईओ दिनेश कुमार विश्वकर्मा ने बताया कि एनओसी के लिए झूला व चर्खी का आवेदन मालिकों ने दिया है। प्रशासन स्तर पर प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही यह आइटम चालू हो जाएंगे।

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अंधेरे में रह रहे दुकानदार

मेला में अभी तक बिजली सप्लाई नहीं होने से दुकानदार अंधेरे में रह रहे हैं। इससे उन्हें कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अपने व्यक्तिगत जनरेटर से ही काम चला रहे हैं जबकि बिजली सप्लाई के लिए खंभे व तार लग गए हैं। ईओ ने बताया कि कुछ क्षेत्रों में अभी लाइन खींची जा रही है। जल्द ही प्रकाश की व्यवस्था सुचारू हो जाएगी।