जागरण संवाददाता, बलिया : शासन के निर्देश पर राशन कार्ड सरेंडर करने का सिलसिला जारी है। अपात्र धड़ाधड़ कार्ड सरेंडर कर रहे हैं। तहसील से लेकर जिला मुख्यालय तक कार्यालयों में रोजाना भीड़ जुट रही है। दस दिन में एक हजार से अधिक लोग कार्ड समर्पण कर चुके हैं। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों के कार्ड धारकों की पात्रता तय की गई है। इस आधार पर अपात्रों को लाभार्थियों की सूची से बाहर किया जाना है। इसके लिए सरकार ने 31 मई तक मोहलत दी है। इस अवधि में कार्ड जमा करने वाले अपात्रों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी लेकिन इसके बाद जिलापूर्ति विभाग अभियान चलाकर रिकवरी करेगा। इस भय से बड़ी संख्या में अपात्र स्वत: कार्ड समर्पण करने के लिए पहुंच रहे हैं।

----------------------------- ग्रामीण क्षेत्र : ऐसे परिवार जिसके किसी भी सदस्य के स्वामित्व में चारपहिया वाहन, ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, एसी, पांच केवीए या अधिक क्षमता का जनरेटर में से कोई भी समान हो, पांच एकड़ से अधिक सिचित भूमि, वार्षिक आय दो लाख रुपये से अधिक, आयकरदाता व एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस हो तो वह अपात्र माना जाएगा। शहरी क्षेत्र : ऐसे परिवार जिसके किसी भी सदस्य के स्वामित्व में चारपहिया वाहन, ट्रैक्टर, हार्वेस्टर, एसी, पांच केवीए या अधिक क्षमता का जनरेटर में से कोई भी समान हो, 100 वर्गमीटर या उससे अधिक आवासीय प्लाट खाली या मकान के साथ अथवा 100 वर्गमीटर या उससे अधिक कार्पोरेट एरिया आवासीय फ्लैट हो, 80 वर्गमीटर या उससे अधिक कार्पोरेट एरिया का व्यावसायिक स्थान हो, वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक, समस्त आयकरदाता व एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस हो तो वह अपात्र माना जाएगा।

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सर्वे में पकड़े जाने पर होगी रिकवरी--

31 मई के बाद विभाग सर्वे शुरू कराएगा। इस दौरान अपात्र पाए जाने पर 24 रुपये किलो गेहूं व 32 रुपये चावल के हिसाब से रिकवरी की जाएगी। बाजार भाव से के हिसाब से इसमें परिवर्तन हो सकता है।

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शासन के निर्देश पर प्रक्रिया चल रही है। अपात्र लोग 31 मई तक हर हाल में राशन कार्ड सरेंडर कर दें। इसके लिए तहसील स्तर पर भी काउंटर बनाए गए हैं। कार्डधारक को प्रार्थनापत्र के साथ, राशन कार्ड और आधार कार्ड की छायाप्रति लगानी होगी। प्रार्थनापत्र में स्वेच्छा से कार्ड जमा करने की बात भी लिखनी जरूरी है।

--कृष्ण गोपाल पांडेय, जिला पूर्ति अधिकारी।

Edited By: Jagran