जासं, सिकंदरपुर (बलिया) : सरकार द्वारा आम जनता की सुविधाओं के लिए प्रत्येक अस्पतालों में खोले गए जन औषधि केंद्र को लेकर डाक्टर व कर्मचारी संवेदनशील नहीं हैं। आज भी दवाइयां मेडिकल स्टोर वाली ही लिखी जा रही हैं। इससे गरीब मरीजों का शोषण हो रहा है। जबकि जन औषधि केंद्र में दवाइयां भी उपलब्ध हैं। आम जनता की सुविधाओं को देखते हुए व नकली दवाइयों की बिक्री पर रोक लगाने को लेकर प्रदेश सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए प्रत्येक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जन औषधि केंद्र खोलने का निर्णय लिया था। जबकि औषधि केंद्रों से बिक्री नगण्य है। वहीं मेडिकल स्टोर पर दवाइयों के लिए लंबी लाइन लग रही है। लोगों का कहना है कि डाक्टर कमीशन के चक्कर में प्राइवेट दुकानों की दवाइयां लिख रहे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिकंदरपुर पर प्रतिदिन 300 के आस-पास मरीज देखे जाते हैं लेकिन पचास मरीजों के बराबर भी इस सरकारी दुकान से दवाइयां नहीं बिकतीं। इस संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी डा.अजय कुमार तिवारी ने कहा कि जो दवाइयां उपलब्ध हैं उन्हें लिखा जा रहा है।

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