जासं, बैरिया (बलिया) : कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर सरकार की जमीन पर अपना नाम चढ़वाकर चार दशक से कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही है। जिलाधिकारी हरि प्रताप शाही ने एक पखवारा पूर्व उपजिलाधिकारी व क्षेत्राधिकारी को निर्देशित किया था कि संबंधित व्यक्तियों पर एफआइआर दर्ज कर कृत कार्रवाई से अवगत कराएं कितु इस आदेश को मातहतों द्वारा रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया।

इस संदर्भ में क्षेत्राधिकारी अशोक कुमार सिंह का कहना है कि अगर राजस्व विभाग का लेखपाल या राजस्व निरीक्षक अथवा कोई कर्मी तहरीर देता है तो पुलिस मुकदमा लिखने को तैयार है। तहरीर के अभाव में पुलिस मुकदमा नहीं लिख पाएगी क्योंकि यह पुलिस के अधिकार क्षेत्र से बाहर है। डीएम के आदेश के बावजूद राजस्व विभाग प्राथमिकी दर्ज कराने से क्यों कतरा रहा है, यह विचारणीय प्रश्न है। क्षेत्रीय लोगों ने जिलाधिकारी से इस बाबत जरूरी कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।

Posted By: Jagran

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