जागरण संवाददाता, बैरिया (बलिया) : बागी धरती बलिया में भू-माफियाओं की बाढ़ आ गई है। न सिर्फ सरकारी जमीन बल्कि किसी की भी व्यक्तिगत भूमि या संपत्ति को भी जालसाजी कर हथिया लेना यहां के भू-माफियाओं की फितरत में शुमार है। जनपद में पूरा महकमा भूमि संबंधी विवादों को सुलझाने में ही परेशान है। लंबी जद्दोजहद के बाद यदि कोई मामला कभी सुलझता भी है तो तत्काल चार-छह नए मामले आ जाते हैं। भूमि संबंधी एक ऐसी ही मामले में सरकारी जमीन पर जालसाजी कर अपना नाम चढ़वाने वाले के खिलाफ जिलाधिकारी ने एफआइआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

स्थानीय तहसील के मौजा सोनबरसा में विगत 40 वर्षों से कूट रचित दस्तावेज के आधार पर एक व्यक्ति ने सरकारी भूमि पर अपना नाम दर्ज करा रखा था। इस मामले में जिलाधिकारी हरि प्रताप शाही की कार्रवाई से महकमे में हड़कंप मचा है। मौजा सोनबरसा में लालगंज के पास राज्य सरकार ने कटान पीड़ितों को बसाने के लिए जमीन क्रय किया था। उक्त भूमि नंबर 2684 रकबा 1.878 हेक्टयर पर कुछ लोगों ने अपना नाम दर्ज करा लिया था। जानकारी होने पर इंटक के जिलाध्यक्ष विनोद सिंह ने उक्त भूमि से संबंधित मामले की जांच की मांग की। जिस पर जांच हुई और तहसील प्रशासन ने फर्जी ढ़ंग से नाम चढ़ाने वाले लोगों का नाम निरस्त कर राजस्व अभिलेख में राज्य सरकार का नाम दर्ज कर दिया।

इंटक अध्यक्ष ने जिलाधिकारी को पत्र देकर 40 वर्षों से फर्जी ढ़ंग से नाम अंकित कराकर सरकारी भूमि विक्रय करने और लाभ लेने के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी बैरिया व क्षेत्राधिकारी को आदेश दिया है कि प्रकरण का परीक्षण कर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार विधिक कार्रवाई करते हुए एक सप्ताह के भीतर अधोहस्ताक्षरी को अवगत कराएं। इस संदर्भ में सीओ अशोक कुमार सिंह ने पूछ्ने पर बताया कि राजस्व विभाग से तहरीर मिलते ही गंभीर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराई जाएगी।

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