जागरण संवाददाता, बलिया : राज्यसभा के उप सभापति हरिवंश नारायण ¨सह की यही पहचान है कि वे किसी भी पद पर जाने के बावजूद कोई दिखवा नहीं चाहते। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत एक बार फिर वे अपनी उसी सादगी के साथ अपने गांव पटना-छपरा सड़क मार्ग से सिताबदियारा के दलजीत टोला पहुंचे। प्रशासन ने उनके आगमन का समय दिन के एक बजे बताया था ¨कतु वे इससे एक घंटा पहले ही अपने घर दलजीत टोला पहुंच गए। उसके बाद तो दरवाजे पर लोगों के पहुंचने का तांता ही लग गया। कुछ देर आराम के बाद वे आने वाले लोगों से मिलने लगे। गांव पहुंचने का कारण भी अचानक ही है। उनके चचेरे भाई चेतनारायण ¨सह का निधन हुआ है। जिसमें व्यस्तता के कारण नहीं पहुंच पाए थे। उनके श्राद्धकर्म पर घर पहुंचे हैं। घर पहुंचने के बाद उन्होंने तमाम लोगों का हाल जाना। गांव में आने के बाद हर कोई उनसे व्यक्तिगत रुप से मिल रहा था और हरिवंश भी हर किसी का हाल ले रहे थे। बैरिया के एसडीएम, तहसीलदार और अन्य अधिकारी भी उन्हें रिसीव करने मांझी के जयप्रभा सेतु पर पहुंचे थे। उधर सिताबदियारा से भी युवाओं का समूह सेतु पर पहुंचा था। इस दौरान उनके चचेरे भाई कृष्ण कुमार ¨सह, राधेश्याम ¨सह, गांव के निवासी शिवपूजन ¨सह, रामप्रवेश ¨सह, छितेश्वर ¨सह, नागेंद्र ¨सह, जैनेंद्र कुमार ¨सह, राजेश ¨सह सिताबदियारा के मुखिया सुरेंद्र ¨सह आदि ने बताया कि हरिवंश जब भी गांव आते हैं पूरी तरह गांव का ही हो जाते हैं। घर में बिजली नहीं भी रहे तो अपने लिए जरनेटर का इंतजाम तक नहीं करने देते। वे जब राज्य सभा सांसद बनने के बाद पहली बार गांव आए थे, तब भी उनके आगमन का वही सादगी वाला ही अंदाज था। पीछे कोई लाव-लश्कर नहीं था। अब जब राज्य सभा में उप सभापति हैं तब भी उनके आगमन का वही अंदाज है। प्रोटोकाल के तहत जिम्मेदार लोग भले ही पीछे और आगे दिख रहे थे ¨कतु व स्वयं बिना किसी शोर के ही घर पर पहुंचे थे। --जेपी ट्रस्ट की ओर से हुआ स्वागत

जेपी ट्रस्ट जयप्रकाशनगर की ओर से वहां के व्यवस्थापक अशोक कुमार ¨सह ने उनके गांव पहुंच कर स्वागत किया और बुके भेंट की। उन्होंने उप सभापति का मंगलवार को ट्रस्ट पर कार्यक्रम भी लिया। मंगलवार को उप सभापति ही यहां संचालित जेपी नारायण प्रौद्योगिकी केंद्र की छात्राओं में प्रमाण पत्र वितरित करेंगे।

-देर शाम दोनों कुलपति ने की मुलाकात

उप सभापति से देश शाम छपरा के कुलपति हरिकेश ¨सह और जन नायक चंद्रशेखर विश्व विद्यालय के कुलपति योगेंद्र ¨सह ने संयुक्त रुप से मुलाकात की और उन्हें बधाई संग स्मृति चिन्ह भेंट किया। रात तक उनके यहां बाहर से पहुंचने वाले लोगों का तांता लगा रहा। सभी के सत्कार में गांव के लोग भी अपने स्तर से जुटे रहे।

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