जागरण संवाददाता, मझौवां (बलिया): गंगा व घाघरा के कटान से विलीन हुए 11 परिषदीय विद्यालयों को पुन: अस्तित्व में लाने की मांग को लेकर ग्रामीण मुखर हो गए हैं। शनिवार को आक्रोशित ग्रामीणों ने अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। विद्यालयों का पुनर्निर्माण कराने की मांग को लेकर अभिभावक संग छात्र व छात्राएं धरने पर बैठीं और रामगढ़ ढाले पर प्रदर्शन किया।

धरनास्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए इंटक के जिलाध्यक्ष विनोद सिंह ने कहा कि अगर तत्काल उक्त विद्यालयों का पुनर्निर्माण का कार्य आरंभ नहीं होता है तो आगामी एक अप्रैल से बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यालय के समक्ष प्रधानों व अन्य लोगों के साथ आमरण अनशन किया जाएगा। गौरतलब है कि प्राथमिक विद्यालय चौबेछपरा, प्राथमिक विद्यालय गंगापुर, प्राथमिक विद्यालय शाहपुर गंगौली, प्राथमिक विद्यालय श्रीनगर, प्राथमिक विद्यालय उदईछपरा, उच्च प्राथमिक विद्यालय सुघर छपरा सहित कुल 11 विद्यालय गंगा व घाघरा में विलीन हो गए हैं। कुछ स्कूलों को प्रशासन ने दूसरे स्कूलों से अटैच कर दिया है। इससे विद्यालय में पढ़ने वाले छोटे बच्चों को भारी असुविधाएं झेलनी पड़ रही हैं। मौके पर पहुंचे खंड शिक्षा अधिकारी के प्रतिनिधि बीआरसी के सह समन्वयक भरत गुप्ता को इस बाबत ज्ञापन सौंपा गया। सह समन्वयक ने खंड शिक्षा अधिकारी से बात कराई। इस बाबत त्वरित कार्रवाई के आश्वासन के बाद धरना -प्रदर्शन दोपहर लगभग दो बजे समाप्त हो गया। धरना प्रदर्शन में अयोध्या प्रसाद साहू हिद, तारकेश्वर तिवारी, अरविबद सिंह, किशुन राम, संजय यादव, राजेश यादव, श्रीभगवान सिंह, विनय कुमार चौबे, हरि मोहन, शमशुद्दीन, हनुमंत मिश्र, महेश कुमार सिंह, सोनू दुबे, रामजी सिंह, शिवनाथ यादव सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।

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