जागरण संवाददाता, बलिया : अब जिला पंचायत में ठेकेदारों की मनमानी नहीं चलेगी। पंचायत का कार्यभार लेते ही डीएम श्रीहरि प्रताप शाही ने सख्ती दिखानी शुरू कर दी है। अब लोक निर्माण विभाग व सिचाई विभाग के ठेकेदार भी जिला पंचायत में टेंडर डाल सकते हैं। यही नहीं, प्रदेश के किसी भी जिला पंचायत में पंजीकृत ठेकेदार भी यहां की टेंडर प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। इस नई प्रक्रिया से कार्यों में गुणवत्ता के साथ ही प्रतिस्पर्धात्मक दरें प्राप्त होंगी।

दरअसल, पहले होता यह था कि जिला पंचायत बलिया के करीब चार दर्जन ठेकेदार ही यहां टेंडर डालते थे। जिलाधिकारी ने प्रशासक का चार्ज पाते ही इस बाध्यता को खत्म करने का आदेश दिया है। डीएम ने बताया कि शासन स्तर से पहले से ही यह आदेश है कि प्रदेश के किसी भी जिला पंचायत में रजिस्टर्ड ठेकेदार अब किसी भी जिले में टेंडर भर सकते हैं। लोनिवि व सिचाई विभाग में पंजीकृत ठेकेदार भी जिला पंचायत में टेंडर डाल सकते हैं। इसके लिए उन्हें अलग से रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं है। लेकिन इस आदेश का अनुपालन नहीं होता था। अब ऐसा नहीं होगा। शासन का जो भी सर्कुलर है उसी हिसाब से कार्यवाही भी सुनिश्चित कराई जाएगी। उन्होंने लोनिवि व सिचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता को पत्र लिखकर यह निर्देश दिया है कि ठेकेदारों को यह जानकारी दें। कार्यालय के बाहर इस आदेश को चस्पा कराएं, ताकि हर किसी को यह जानकारी हो जाए। अंतिम 13 दिन में भुगतान का होगा सत्यापन

जिलाधिकारी ने पिछले चार वर्ष में 25 लाख से अधिक धन से हुए कार्यों की सूची बनाने का आदेश दिया है। कहा है कि उन कार्यों की गुणवत्ता व आवश्यकता का परीक्षण कराया जाएगा। साथ ही एक जनवरी से 13 जनवरी तक हुए भुगतान की भी सूची बनाकर सत्यापन कराने को कहा है।

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