जासं, बलिया : उप्र सरकार की ओर से किसानों की उपेक्षा और बर्बरतापूर्वक व्यवहार करने के विरोध में बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। इसके बाद सरकार विरोधी नारेबाजी भी की।

जिलाध्यक्ष सच्चिदानंद तिवारी ने कहा कि किसानों को धान की पराली जलाने के नाम पर एफआइआर और जेल भेजने का कार्य किया जा रहा है। मजदूरों के अभाव में धान नहीं कट पा रहा है और हार्वेस्टर मशीन भी नहीं चलने दिया जा रहा है। इससे रवि की बोआई पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। धान क्रय केंद्रों पर भी किसानों के बदले व्यापारियों से धान खरीदा जा रहा है। किसान अपना धान औन-पौन दाम में बिचौलियों को बेचने पर मजबूर हैं। किसानों के गन्ना मूल्य 450 रुपये प्रति क्िवटल किया जाए।

कार्यकर्ताओं ने मांग की कि रसड़ा में वर्षों से चीनी मिल बंद पड़ी है उसे अविलंब चालू किया जा जाए। अतिवृष्टि की कारण खेतों में पानी लगने की वजह से रवि की बोआई नहीं हो पाई है। अत: किसानों को मुआवजा दिया जाए। कहा कि अगर सभी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो पार्टी सड़क से सदन तक आंदोलन को बाध्य होगी। इस मौके पर विश्व विजय सिंह, विनोद सिंह, पारसनाथ वर्मा, ओमप्रकाश तिवारी, फूलबदन तिवारी, गिरिशकांत गांधी, ओमप्रकाश पांडेय, दुर्गेश कुमार सिंह, ऊषा सिंह, अनुभव तिवारी, सुगंधा शुक्ल, लक्ष्मण गुप्त, जाकिर हुसैन आदि मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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