जागरण संवाददाता, बलिया : हादसे में आटो चालक की मौत के दूसरे दिन स्वजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग पर उसका शव रखकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कुछ देर के लिए यातायात ठप हो गया। सदर कोतवाली क्षेत्र के बहेरी निवासी सेराज अहमद का आटो गुरुवार की भोर में जीजीआइसी स्कूल के पास डिवाइडर से टकरा गया। इसमें टेंपो में आग लग गई। हादसे में उसकी मौत हो गई। शुक्रवार की सुबह आक्रोशित स्वजनों व मोहल्ले के लोगों ने प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह उन्हें समझा-बुझाकर शांत कराया।

पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया। मृतक के स्वजनों का आरोप था कि घटना के पीछे गहरी साजिश है। उन्होंने आटो चालक की मारपीट कर व जलाकर हत्या का आरोप लगाया। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली। उसमें काई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। कोतवाल बालमुकुंद मिश्रा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले की जांच की जा रही है।

दो बहनों की शादी व परिवार की सेराज पर थी जिम्मेदारी --

बेटे की मौत पर मां रेहाना का रोते -रोते बुरा हाल है। वह बार-बार एक ही बात दोहरा रही कि कौन बहनों की शादी करेगा। सेराज कम उम्र में पूरे परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था। उसके कंधों पर दो बहनों की शादी व माता-पिता की जिम्मेदारी थी। सहतवार थाने के पास स्थित बिलारी गांव निवासी गुलाब अहमद पिछले कई वर्षों से बहेरी में किराए का कमरा लेकर परिवार के साथ रहते हैं। पहले मजदूरी करते थे, लेकिन कुछ वर्षों से तबियत खराब होने के कारण घर पर ही रहते हैं। पांच संतानों में सेराज तीसरे नंबर पर है। पिता की तबियत खराब होने के बाद कम उम्र में पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी। वह पढ़ाई बीच में छोड़ किराए का आटो लेकर चलाने लगा।

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