जासं, बलिया : अखिल भारतीय विकास संस्कृति साहित्य परिषद की ओर से आनंद नगर स्थित कार्यालय पर भिखारी ठाकुर की 132वीं जयंती पर गोष्ठी आयोजित की गई। मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ से आए कवि डॉ.बृजेश सिंह ने कहा कि भिखारी ठाकुर महान लोक कलाकार थे। अध्यक्षता करते हुए डॉ.आदित्य कुमार अंशु ने कहा कि उनमें समाज की पीड़ा और कसक कूट-कूट कर भरी थी। संचालन करते हुए डा.फतेहचंद बेचैन ने कहा कि वह भोजपुरी के शेक्सपीयर थे, क्योंकि अंग्रेजी भाषा के माध्यम से जो काम समाज के लिए शेक्सपियर ने किया था, वहीं काम भिखारी ठाकुर ने भोजपुरी के माध्यम से किया।

इस मौके पर सुदेश्वर अनाम ने कहा कि वह समाज सुधारक के रूप में सदियों तक याद किए जाएंगे। डॉ.संतोष कुमार गुप्त ने कहा कि आज हम गर्व के साथ कह सकते है कि महाजनी की मामूली पढ़ाई करने वाले भिखारी ठाकुर के ऊपर देश और विदेशों में भी शोध कार्य हो रहे है। नवचंद्र तिवारी ने कहा कि उन्होंने लगभग 12 नाटकों की रचना की। नाटक विद्या में उनका कोई सानी नहीं था। नाटक उनका सुप्रसिद्ध नाटक था। इस मौके पर डॉ.सुनील कुमार ओझा, डॉ.दिनेश ठाकुर, अब्दुल कैश तारविद, हफीज मस्तान, डॉ.दिनेश ठाकुर, डॉ.जितेंद्र स्वाध्यायी, डॉ.गयाशंकर प्रेमी, डॉ.जितेंद्र त्यागी आदि मौजूद थे।

Posted By: Jagran

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस