समीर तिवारी, बलिया :

विधानसभा चुनाव की तैयारी व जनपद में अपराध नियंत्रण को लेकर शासन और उच्चाधिकारियों के दिशा-निर्देश के सापेक्ष काम न करने वाले दारोगा व थानेदारों को जनवरी की सर्द रातों में गर्मी का एहसास हो रहा है। पुलिस कप्तान की गूगल मीट की क्लास में उनकी हाजिरी हो रही है। बीते कुछ दिनों से विभिन्न सर्किल क्षेत्रों में एसपी की देर रात तक चलने वाली मीटिग पूरे महकमे में चर्चा का विषय बनी हुई है। बारी-बारी से कप्तान हल्कावार सबके कार्यो की समीक्षा के साथ उन्हें अनुशासन का पाठ पढ़ाते हैं। अब तक कई की फाइल भी खुल चुकी है। इस तरह की डिजिटल मानीटरिग से लापरवाही उजागर होने पर पुलिसकर्मियों के माथे पर चिता की लकीरें साफ तौर पर देखी जा सकती हैं। अकर्मण्य थाना प्रभारियों को डांट-फटकार के साथ जांच का सामना करना पड़ रहा है। इस नई व्यवस्था से कानून व्यवस्था कायम रखने में अधिकारियों को सहूलियत होगी।

दो से तीन घंटे तक चलती है क्लास--

रात लगभग दस बजे से डिजिटल मीटिग की शुरुआत होती है। इसमें क्रमवार प्रतिदिन तीन से चार सर्किल के क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी व उपनिरीक्षक शामिल होते हैं। कप्तान बारी-बारी से सभी से रू-ब-रू होते हैं। आवश्यकता पड़ने पर जिले की छह सर्किल के 22 थानों के पुलिसकर्मियों को मीटिग में जोड़ा जा सकता है।

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कोरोना संक्रमण के दौर में वर्चुअल माध्यम का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जा रहा है। पूरे जनपद में कानून व्यवस्था की जानकारी अपडेट होती रहती है। विधानसभा चुनाव को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए जा रहे हैं।

-- राजकरन नय्यर, एसपी, बलिया।

Edited By: Jagran