जागरण संवाददाता, बलिया : बुधवार की शाम वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कुटीर, अति लघु, लघु उद्योगों को राहत पैकेज की घोषणा की। वित्तमंत्री ने कहा कि अगले दो दिनों में शेष सेक्टरों से संबंधित पैकेजों की घोषणा की जाएगी। इससे कुटीर उद्योगों को बल मिलेगा।

वित्त मंत्री ने इन उद्योगों में तरलता बढ़ाने के प्रयास का उल्लेख किया ताकि मांग में वृद्धि हो। बोलीं, लोकल उत्पादन को अब ग्लोबल उत्पादन बनाना है। ई-मार्किटिग पर भी अब जोर दिया जाएगा। लघु उद्योगों को तीन लाख करोड़ की मदद बिना गारंटी के दी जाएगी। मीडियम उद्योग अब 20 करोड़ की जगह 100 करोड़ वाले माने जाएंगे। इन उद्योगों के पैकेज अगले 45 दिनों में लागू हो जाएंगे।

वित्तमंत्री का संबोधन सुनने के बाद व्यापारियों व उद्यमियों का कहना था कि लॉकडाउन -3 की वजह से अर्थ व्यवस्था रसातल की ओर चली गई है। इसे पटरी पर लाने में समय लगेगा। 18 मई से चौथा लॉकडाउन लागू होने वाला है। इससे कई बाधाएं उत्पन्न होंगी। आवश्यकता इस बात की है कि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कैसी परिस्थितियां बनाई जायं, जो उद्योगों को फिर से पटरी पर ला सके।

-- सरकार की सोच उद्योगों को आत्मनिर्भर बनाने वाली है। वित्त मंत्री की घोषणा से बलिया के बिदी, सिंहोरा, इत्र जैसे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। व्यापारी भी उत्साहित होकर अपने काम में लग जाएंगे। इससे लोगों को रोजगार मिलने के साथ ही लघु व कुटीर उद्योगों के विकसित होने का मार्ग प्रशस्त होगा।

----डा. हैदर अली खां

अर्थशास्त्री

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कोविड-19 कोरोना वायरस से बचाव हेतु किए गए लॉकडाउन के कारण व्यापार व उद्योग जगत प्रभावित है। आर्थिक मंदी के असर को नुकसान और लोकल प्रोडक्ट को लाभ देने के उपाय के क्रम में प्रधानमंत्री की घोषणा को मूर्तरूप देने के लिए वित्त मंत्री की घोषणा स्वागत योग्य है।

सुनील परख, मण्डल अध्यक्ष, उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल। -----------------

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के लिए तीन लाख करोड़ रुपये बिना गारंटी के लोन चार वर्ष के लिए और एक वर्ष तक मूल धन जमा करना नहीं पड़ेगा। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के विस्तार के लिए 50000 करोड़ रुपये का फंड तैयार करना, 10,000 करोड़ रुपये विकास के लिए तथा 200 करोड़ के टेंडर का ग्लोबल टेंडर नहीं होगा आदि पैकेज की घोषणा सराहनीय है। इससे स्थानीय मार्केट मजबूत होगा। लोगों को वेतन मिलेगा। बाजार में कैश की आपूर्ति होगी और धीरे-धीरे आर्थिक चक्र बढ़ने लगेगा।

-अरविद गांधी,

पूर्वांचल प्रभारी ,अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ,उत्तर प्रदेश।

-------------------------------------------- छोटे-छोटे व्यापारियों के लिए अभी कोई राहत नहीं मिली है। लाकडाउन से छोटे व्यापारी पूरी तरह से टूट गए हैं। ऐसे में इनके लिए सरकार को आर्थिक पैकेज की घोषणा करनी चाहिए।

मंजय सिंह

जिलाध्यक्ष, पूर्वांचल उद्योग व्यापार मंडल

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छोटे और कम टर्नओवर वाला व्यापारियों को बिना गारंटी के लोन मिलने से बहुत लाभ होगा। एमएसएमई का दायरा बढ़ाने से कम टर्न ओवर वाले व्यापारियों को भी लाभ मिलेगा। 200 करोड़ तक के टेन्डर में विदेशी कंपनियों का टेंडर भरने से रोक से देशी कंपनियों को बढ़ावा मिलेगा। सरकार को यह निर्णय काफी राहत भरा है। लघु उद्योगों और इंफ्रास्ट्रक्चर को बल मिलने से रोजगार का अवसर बढ़ेगा। एमएसएमई की नई परिभाषा देश में उद्योगों की दशा बदल कर रख देगा।

-रजनीकांत सिंह, व्यापारी।

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लॉकडाउन में व्यापार बंद है। व्यापारियों को बिना ब्याज या कम ब्याज का लोन देने का प्रावधान करें। उद्योग जगत को फायदा दिया है लेकिन छोटे व्यापारियों के लिए इसमें कुछ नहीं है। सरकार को यदि उद्योग को चालू करना है तो बाजार को खोलना होगा।

-प्रदीप वर्मा, व्यापारी नेता।

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उद्योग पूरी तरह से ध्वस्त हो गया है। सरकार को संरक्षण देना चाहिए। यहां कारगर रजिस्टर्ड नहीं है। सरकार ऐसी व्यवस्था करें जिससे इन कारीगरों को भी रजिस्टर्ड हो सके। सरकार बहुत कुछ कर रही है। इसके बाद भी जरूरत मंद व्यापारी तक नहीं पहुंच पा रही है। लोकल स्तर पर उद्योगों के बढ़ाने का फैसला काफी अच्छा है।

-मदन वर्मा, व्यापारी।

Posted By: Jagran

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