विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

आरोपितों के घर नहीं चला बुलडोजर तो कर लेंगे आत्मदाह, बेटियों को मनाने पहुंचा प्रशासन, 20 घंटे बाद अंतिम संस्कार

By Vns Milan K. Gupta Edited By: Abhishek sharma
Published: Sat, 12 Sep 2026 06:27 PM (IST)

बलिया में पूर्व सीआरपीएफ जवान अमरेश बहादुर सिंह की हत्या के बाद परिवार ने 20 घंटे तक अंतिम संस्कार नहीं ...और पढ़ें

बलिया में पूर्व जवान की हत्या: बेटियों के आत्मदाह की धमकी के बाद प्रशासन झुका, 20 घंटे बाद हुआ अंतिम संस्कार।

बलिया में पूर्व जवान की हत्या: बेटियों के आत्मदाह की धमकी के बाद प्रशासन झुका, 20 घंटे बाद हुआ अंतिम संस्कार।

HighLights

  1. पूर्व सीआरपीएफ जवान अमरेश बहादुर सिंह की हत्या पर परिजनों का विरोध।

  2. 20 घंटे तक अंतिम संस्कार रोककर रखीं आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग।

  3. प्रशासन और मंत्री के आश्वासन के बाद हुआ मृतक का अंतिम संस्कार।

जागरण संवाददाता, बलिया। उभांव क्षेत्र के दोथ गांव में पूर्व सीआरपीएफ जवान अमरेश बहादुर सिंह की हत्या के बाद करीब 20 घंटे तक अंतिम संस्कार नहीं हो सका। परिवार आरोपितों की गिरफ्तारी, कड़ी कार्रवाई और आर्थिक सहायता की मांग को लेकर शव के साथ घर पर डटा रहा। शनिवार को एडीएम अनिल कुमार ने स्वजन से बातचीत की और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से फोन पर बात कराई।

मंत्री ने दो दिन में परिवार से मुलाकात करने और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलवाकर उनकी मांगों पर बातचीत कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद स्वजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। सुबह बड़ी बेटी कृतिका सिंह अपनी बहनों के साथ शव के पास पेट्रोल की केन लेकर बैठ गई थी। उसने चेतावनी दी कि आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने पर तीनों बहनें आत्मदाह कर लेंगी।

अमरेश की पत्नी कंचन सिंह सहित बेटियां ईशा, शालू और रोशनी, आरोपितों के मकानों पर बुलडोजर कार्रवाई और फरार आरोपियों के एनकाउंटर की मांग कर रही थीं। इनका कहना था कि जब तक कार्रवाई नहीं होगी तब तक वह विरोध करेंगी, यही नहीं आत्मदाह तक कर लेंगी। यह स्थिति देख पुलिस व प्रशासन के हाथ-पांव फुलने लगे। दोपहर करीब दो बजे एडीएम अनिल कुमार मृतक अमरेश के घर पहुंचे और करीब एक घंटे तक स्वजन से बातचीत की।

मृतक की पत्नी कंचन सिंह ने 20-20 लाख रुपये मुआवजा, दोनों परिवारों के एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी, पुलिस सुरक्षा तथा आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग रखी। एडीएम ने मांगों से संबंधित पत्र लिया। इसके बाद परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने फोन पर कंचन सिंह से बातचीत की। उन्होंने मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से वार्ता कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद दोपहर करीब तीन बजे शव को सरयू नदी के घाट पर ले जाया गया, जहां अमरेश के 12 वर्षीय भतीजे रुद्र प्रताप ने मुखाग्नि दी।

भाई मंजेश की हालत बीएचयू में गंभीर, तीन आरोपित पहले ही गिरफ्तार
अमरेश की गुरुवार रात पड़ोसियों से विवाद के बाद हुई मारपीट में मौत हो गई थी। बचाने पहुंचे उनके भाई मंजेश सिंह भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं और उनका बीएचयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर उपचार चल रहा है। पुलिस ने मामले में आरोपित गिरीश सिंह की पत्नी शीला, बेटी खुशी और बेटे सूरज को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं गिरीश सिंह और उसका बेटा राम करन सिंह घटना के 40 घंटे बाद भी फरार है। उनकी गिरफ्तारी के लिए चार पुलिस टीमें लगाई गई हैं।

शुक्रवार शाम एसपी ओंमकार सिंह ने भी परिवार से मुलाकात कर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया था। उन्होंने परिवार के भरण-पोषण के लिए मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता दिलाने की बात कही थी। मौके पर कई क्षेत्राधिकारी और विभिन्न थानों की पुलिस बल मौजूद रही। वहीं घटना को लेकर विपक्ष ने भी सरकार को निशाने पर ले लिया है। मधुबन विधानसभा से बसपा प्रत्याशी और मृतक के मौसेरे भाई भरत ने भी योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार को फेल बताते हुए आरोपियों की शीघ्र अतिशीघ्र गिरफ्तारी की मांग की।