जागरण संवाददाता, बैरिया (बलिया) : बकुल्हां रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर जयप्रकाशनगर रोड करने की घोषणा के दो दशक बाद भी इस स्टेशन का नाम लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नाम पर नहीं रखा जा सका। जबकि लोकनायक के गांव का निकटतम रेलवे स्टेशन बकुल्हां ही है। जयप्रकाशनगर समेत पूरा सिताब दियारा का इलाका इसी रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़कर अपने गंतव्य को आता-जाता है। 1998 में जब रेलमंत्री नीतीश कुमार थे, तब बकुल्हां स्टेशन पर लोकनायक जयप्रकाश नारायण का जीवन फलक लगाने के लिए पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित हुआ था। उस समय क्षेत्रीय लोगों की मांग पर रेलमंत्री ने बकुल्हां रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर जयप्रकाशनगर रोड करने की घोषणा की थी और कहा था कि जल्द ही इसे अमली जामा पहनाया जाएगा ¨कतु 2001 में दोबारा रेलमंत्री बनने पर भी नीतीश कुमार इस घोषणा को अमली जामा नहीं पहना सके। जबकि नीतीश कुमार का राजनीतिक जीवन लोकनायक जयप्रकाश नारायण के आंदोलन से शुरू हुआ था। ग्राम पंचायत चांददियर व क्षेत्र पंचायत मुरलीछपरा के लोगों द्वारा बकुल्हां रेलवे स्टेशन का नाम बदलकर जयप्रकाशनगर करने के लिए सर्वसम्मत से प्रस्ताव पारित कर दो बार, 1998 व 2002 में रेल मंत्रालय को भेजा गया था ¨कतु उस प्रस्ताव को रेलवे ने रद्दी की टोकरी में डाल दिया। जनपद के छह सांसद इस समय हैं। तीन लोकसभा व तीन राज्यसभा में। सिताब दियारा के दलजीत टोला निवासी राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण ¨सह, सांसद नीरज शेखर व सकलदीप राजभर राज्य सभा में है। वहीं भरत ¨सह, भदोही सांसद वीरेंद्र ¨सह मस्त व हरिनारायण राजभर लोकसभा में है। इसके बाद भी सरकार इसपर कोई पहल नहीं कर रही है।

जल्द निर्णय लेने की उम्मीद : भरत ¨सह

इस संबंध में सांसद भरत ¨सह ने बताया कि मैंने लिखित व मौखिक रेलमंत्री से आग्रह किया है कि बकुल्हां का नाम बदलकर जयप्रकाशनगर रोड किया जाय। इस पर मंथन चल रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही रेलवे इस पर निर्णय लेगा।

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