महर्षि भृगु कारिडोर का भूमिपूजन, परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने रखी आधारशिला, पहले चरण में खर्च होंगे 50 करोड़ रुपये
बलिया में लंबे इंतजार के बाद महर्षि भृगु कारिडोर परियोजना का शुभारंभ हो गया है। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने ...और पढ़ें

बलिया में महर्षि भृगु कारिडोर का भूमिपूजन, पर्यटन विकास को मिलेगी गति।
HighLights
महर्षि भृगु कारिडोर परियोजना का बलिया में हुआ शुभारंभ।
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने रखी परियोजना की आधारशिला।
पहले चरण में 50 करोड़ खर्च, धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
जागरण संवाददाता, बलिया। लंबे इंतजार के बाद रविवार को बलिया की महत्वाकांक्षी महर्षि भृगु कारिडोर परियोजना का शुभारंभ हो गया। महर्षि भृगु मंदिर परिसर में दोपहर करीब डेढ़ बजे परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त व पूर्व मंत्री नारद राय की मौजूदगी में विधि-विधान से भूमि पूजन कर परियोजना की आधारशिला रखी।

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने रखी आधारशिला।
कार्यक्रम में पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह को भी शामिल होना था, लेकिन वह किसी कारणवश उपस्थित नहीं हो सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मार्च में भृगु कारिडोर परियोजना को मंजूरी दी थी। इसके पहले चरण के लिए 50 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। परिवहन मंत्री के अनुसार, महर्षि भृगु मंदिर के संपूर्ण निर्माण और विकास कार्यों पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

महर्षि भृगु कारिडोर में प्रस्तावित यात्री शेड।
परियोजना को दो चरणों में पूरा करने की योजना बनाई गई है। पहले चरण में मंदिर परिसर के विकास के साथ मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण, परिसर का विस्तार और श्रद्धालुओं की सुविधाओं से जुड़े कई कार्य कराए जाएंगे। इसके बाद दूसरे चरण के कार्यों को भी गति दी जाएगी। भृगु कारिडोर के निर्माण से महर्षि भृगु मंदिर परिसर को नया स्वरूप मिलेगा।

महर्षि भृगु कारिडोर में प्रस्तावित ग्रीन स्पेस।
वहीं श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए चौड़े मार्ग, व्यवस्थित गलियारे और आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। परियोजना पूरी होने के बाद मंदिर परिसर में आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण इस परियोजना को बलिया की पहचान को मजबूत करने वाला कदम माना जा रहा है। इसके जरिए जिले में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे न केवल मंदिर परिसर का विकास होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और पर्यटन गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
