बलिया में डॉक्यूमेंट में अलग नाम होने से अटके आयुष्मान कार्ड, अब डीएम स्तर पर समाधान की तैयारी
बलिया में आधार, राशन कार्ड जैसे दस्तावेजों में नाम की मामूली भिन्नता के कारण आयुष्मान कार्ड बनवाने में आ रही बाधा को दूर करने की तैयारी है।

आधार-राशन कार्ड में नाम अलग होने पर DM करेंगे निस्तारण।
HighLights
दस्तावेजों में नाम भिन्नता से आयुष्मान कार्ड में बाधा।
अब जिलाधिकारी स्तर पर होगा इन समस्याओं का समाधान।
पात्र लाभार्थियों को मिलेगा 5 लाख तक कैशलेस इलाज।
जागरण संवाददाता, बलिया। आधार कार्ड, राशन कार्ड और परिवार पहचान संबंधी दस्तावेजों में नाम की मामूली भिन्नता अब पात्र लोगों के लिए आयुष्मान कार्ड बनवाने में बड़ी बाधा नहीं बनेगी। दस्तावेजों में नाम, उपनाम अथवा वर्तनी अलग होने के कारण जिन लाभार्थियों का सत्यापन अटक रहा है, उनके मामलों के निस्तारण की जिम्मेदारी जिला स्तर पर दिए जाने की तैयारी है।
प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ऐसे लाभार्थी कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी के समक्ष आवेदन कर सकेंगे। बहुत जल्द दस्तावेजों की जांच और पात्रता के सत्यापन के बाद नाम संबंधी विसंगति दूर कर आयुष्मान कार्ड बनाने का रास्ता साफ किया जाएगा।
डॉक्यूमेंट मिलान में अंतर
आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र परिवारों और लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। इसमें 70 और 70 वर्ष से प्लस के उम्र के लाभार्थियों को भी जोड़ दिया गया है। ऐसे में लाभार्थी के नाम और अन्य विवरण का उपलब्ध दस्तावेजों से मिलान में अंतर देखने को मिल रहा है।
कई मामलों में आधार कार्ड में नाम कुछ और तरीके से दर्ज है, जबकि राशन कार्ड या परिवार से संबंधित सरकारी रिकार्ड में नाम की वर्तनी अथवा उपनाम अलग है। ऐसे मामलों में ऑनलाइन सत्यापन पूरा नहीं हो पाता और कार्ड बनने की प्रक्रिया रुक जाती है।
एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय के चक्कर लगाने की मजबूरी
नाम में मामूली अंतर सामने आने के बाद 70 प्लस लाभार्थियों को संबंधित दस्तावेजों में सुधार कराने के लिए अलग-अलग कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ रहा है। एक दस्तावेज में सुधार के बाद दूसरे रिकार्ड को अपडेट कराने में भी समय लगता है। इसका सीधा असर पात्र परिवारों को योजना का लाभ मिलने पर पड़ रहा है।
अब जिला स्तर पर ऐसे मामलों के निस्तारण की व्यवस्था किए जाने की तैयारी से लाभार्थियों को राहत मिलने की उम्मीद है। आवेदन के साथ आधार, राशन कार्ड और अन्य पहचान संबंधी दस्तावेजों की जांच की जाएगी। दस्तावेज सही पाए जाने पर रिकॉर्ड में आवश्यक संशोधन की प्रक्रिया पूरी कर आयुष्मान कार्ड जारी कराने की कार्रवाई की जा सकेगी।
जिले में 16 लाख से ज्यादा कार्ड का लक्ष्य, प्रदेश में 16वें स्थान पर जिले में आयुष्मान कार्ड बनाने का कुल लक्ष्य करीब 16,08,974 निर्धारित किया गया है। 30 सितंबर 2026 तक जिला प्रशासन की समीक्षा के दौरान बताया गया था कि 10 लाख 89 हजार 308 कार्ड बन चुके हैं।
इसके अलावा 70 और 70 से ज्यादा उम्र के करीब 61446 आयुष्मान कार्ड अप्रूव्ड किए जा चुके हैं। बलिया जनपद प्रदेश में अब भी 16वें स्थान पर है। प्रथम स्थान पर सीतापुर, दूसरे स्थान पर जौनपुर जबकि तीसरे स्थान पर बरेली है।
प्रयास यही है कि सभी पात्र लोगों को आयुष्मान कार्ड बनाकर उन्हें प्रति परिवार प्रति वर्ष पांच लाख रुपये तक के स्वास्थ्य उपचार और कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाए। अभी डीएम स्तर पर समाधान को लेकर विचार चल रहा है। शासन से निर्देश प्राप्त होने के बाद इसको लागू किया जाएगा। -ज्ञानेंद्र सिंह, जिलाधिकारी, बलिया।
