जागरण संवाददाता, बलिया : मनरेगा में घोटाला सिर्फ बलिया में नहीं हुआ, बल्कि पूर्वांचल के आठ अन्य जिलों में घोटालेबाजों की जड़ें काफी गहरी हैं। जिले में साढ़े 47 लाख के गबन में 15 बीडीओ समेत 50 से अधिक प्रधान व सचिवों की गर्दन फंसी है, जबकि दूसरे अन्य जिलों में भी करीब सवा पांच करोड़ की गड़बड़ी सामने आई है। ग्रामीण विकास विभाग ने प्रदेश के ऐसे जिलों की सूची जारी की है, इसमें पीलीभीत में घोटाले के 24 लाख रुपये वसूलने पर प्रशंसा भी की है। वहां के डीएम व सीडीओ को पुरस्कृत करने के लिए कहा है। बता दें कि पूर्वांचल में सर्वाधिक गड़बड़ी मऊ और चंदौली में हुई है, यहां पर 4.62 करोड़ रुपये हजम कर लिए गए। इसी तरह बनारस, बलिया, जौनपुर, गाजीपुर, मऊ व आजमगढ़ समेत कई जिलों में करीब 5.78 करोड़ के मामले चल रहे हैं। यह गड़बड़ियां 2018 व 2019 में हुई हैं, लगभग हर मामले सिद्ध भी हो चुके हैं। उधर विकास विभाग की सोशल आडिट इकाई ने रिमाइंडर जारी किया है। प्रमुख सचिव प्रकरण की मानीटरिग करने में जुटे हैं।

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मजदूरों को काम नहीं, जिम्मेदार लूट रहे योजना

जिम्मेदार हर हाथ को काम देने की योजना को दोनों हाथों से लूट रहे हैं, वहीं जाब कार्डधारकों को काम नहीं मिल रहा है। नगरा ब्लाक के कोठियां गांवा निवासी जाबकार्ड धारक सज्जन चौहान बहुत परेशान हैं। उन्होंने बताया कि आर्थिक स्थिति ठीक नही हैं। इधर उधर काम कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। पिछले एक वर्ष से मुझे मनरेगा योजना में कार्य नहीं मिला। उसके पहले एक दो बार काम मिला था। यदि काम मिलता तो परिवार के लिए दो जून की रोटी की व्यवस्था हो जाती। इसी गांव के हरिनाथ राम भी बेहद परेशान हैं। बताया कि मैं जाबकार्ड धारक हूं। मनरेगा में काम मांगने पर मिलता नहीं है। पिछले छह वर्ष से काम नहीं मिला है। किसी तरह मजदूरी कर परिवार की जीविका चलाता हूं। जाब कार्ड केवल दिखाने के लिए दिया गया है।

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किस जिले में कितने की पकड़ी गड़बड़ी

मऊ में 3,97,97119 रुपये, बलिया में 47,81468 रुपये, आजमगढ़ 7,67140 रुपये, चंदौली 64,63199 रुपये, जौनपुर 28,94518 रुपये, गाजीपुर 4,67144 रुपये, भदोही 10,59063 रुपये, बनारस 6,29483 रुपये व मीरजापुर में 9,63342 रुपये।

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जिले में मनरेगा में जो गड़बड़ियां मिली हैं, उन पर विभागीय कार्रवाई चल रही है। संबंधित ग्राम प्रधान व सचिव से रिकवरी का नोटिस जारी किया गया है।

- हरिश्चंद्र प्रजापति, डिप्टी कमिश्नर, मनरेगा श्रम रोजगार।

Edited By: Jagran