जागरण संवाददाता, दुबेछपरा (बलिया): गंगा की उतरती लहरों में बैकरोल कटान ने तबाही मचानी शुरू कर दी है। गुरुवार की आधी रात के बाद शुरू हुए तेज कटान से क्षेत्र के तीन गांवों में दो दर्जन से अधिक मकान गंगा में समा गए। एनएच-31 से महज 15 मीटर दूर गंगा का कटान पहुंच गया। इसे रोकने के लिए बाढ़ विभाग के अभियंता बंबूक्रेट से प्रयास कर रहे है। इसके बाद भी सफलता नहीं मिल पा रही है। एकाएक शुरू हुए कटान से क्षेत्र में दहशत फैल गई है।

गंगा की तेज लहरों ने केहरपुर के वृजकिशोर ओझा, सुशील ओझा, ललिता ओझा, अनिल कुमार ओझा, संतोष ओझा, विपिन कुमर ओझा, रमेश कुमार ओझा, अमित ओझा, आलोक ओझा, अनूप ओझा, संदीप ओझा, अवधेश ओझा, मनोज ओझा, अरुण ओझा, अवध ओझा सहित कई लोगों के मकान कटान तेज होने से अचानक गंगा में समा गया। वहीं गंगापुर में अजय यादव, नंदलाल यादव, गामा तुरहा, संतोष तुरहा, सरिता देवी, पचकौड़ी राम, श्रीकृष्ण राम, तेतर राम, रूपा कोइरी के मकान आज कटान के जद में आकर गंगा में विलीन हो गया। वहीं गंगापुर (रामगढ़) में कटान तेज होने के कारण अब एनएच-31 से महज 15 मीटर की दूरी पर रह गई है गंगा। कटान को रोकने के लिए बाढ़ खंड बलिया के अवर अभियंता प्रशांत गुप्त व जावेद अहमद के नेतृत्व में सैकड़ों मजदूर बंबूक्रेट विधि को अपना कर कटान रोकने के प्रयास में लगे हुए हैं कितु कटान जारी था। इसके अलावा सुघर छपरा में भी कटान काफी तेज है और वहां भी उपजाऊ जमीन काटने के बाद तेजी से बस्ती की ओर गंगा की धाराएं बढ़ रही है। गंगा का यह तेवर देख तटवर्ती लोगों में दहशत का माहौल है, लोग अपना सामान लेकर सुरक्षित जगहों पर पलायन कर रहे हैं।

उपजिलाधिकरी सदर अश्वनी श्रीवास्तव सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच कर कटान का जायजा लिए। साथ ही एनएच-31 को बचाने के लिए जरूरी उपाय करने का निर्देश बाढ़ खंड के अधिकारियों को दिए। बुजबुजिया कटान के कहर से सर्वत्र त्राहिमाम

जासं, मझौवां (बलिया): गंगा की उतरती लहरों ने गंगापुर ग्राम पंचायत के एक दर्जन घर बुजबुजिया कटान के चपेट में लेकर अपने आगोश में समेट लिया। वह तो गनीमत रही कि गुरुवार की आधी रात में शुरू हुआ कटान से किसी जान की क्षति नहीं हुई। सरिता देवी की मकान में ताला बंद होने के कारण उसका सारा सामान सहित आशियाना भी गंगा में विलीन हो गया। वहीं बेवा फुलरिया देवी की सभी संपत्ति की गंगा की भेंट चढ़ गई। सहादेव व सर्वजीत को भी कटान के कारण काफी क्षति का सामना करना पड़ा। कटान के कारण सर्वत्र अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। मौके पर बाढ़ खंड के अधीक्षण अभियंता भानू प्रताप सिंह ने स्थलीय निरीक्षण कर कटान रोकने का अधिकारियों को निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि फिलहाल इस कटान से एनएच-31 को कोई खतरा नहीं है। कटान के स्थाई समाधान के लिए उपाय किए जा रहे हैं ताकि एनएच सुरक्षित रहे।

उल्लेखनीय है कि ग्राम पंचायत केहरपुर का अस्तित्व समाप्ति के कगार पर है। इसके बाद सुघर छपरा का अस्तित्व भी खतरे में पड़ गया है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि कटान स्थल से एनएच की दूरी कहीं 15 मीटर तो कहीं 20 मीटर ही रह गई है। अधिकारी आते हैं, मौका मुआयना करते हैं और सुरक्षा करने की बात कहकर चले जाते हैं। अगर इस स्थान पर कटान रोकने का स्थाई समाधान नहीं ढूंढा गया तो एनएच-31 के लिए खतरे की घंटी बज सकती है। वहीं ग्राम पंचायत के पूरवे बनिया टोला, सोनार टोला कटान के मुहाने पर खड़े होने के कारण वहां के लोगों में बेचैनी बढ गई है। मौके पर ग्राम प्रधान श्याम कैलाश, सचिव अशोक मिश्र, लेखपाल लक्ष्मण सिंह सहित बाढ़ खंड के अधिकारी मौजूद थे। अभी भी बुजबुजिया कटान जारी है।

Posted By: Jagran

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