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बल‍िया के नगरा पीएचसी पर डेढ़ घंटे तक तड़पती रही छात्रा, खाली मिला ऑक्सीजन सिलेंडर

By Sanjay Kumar Pandey Edited By: Abhishek sharma
Published: Wed, 28 Oct 2026 02:09 PM (IST)

बलिया के नगरा पीएचसी में एक छात्रा को डेढ़ घंटे तक उपचार नहीं मिला और ऑक्सीजन सिलेंडर खाली निकला, जिससे ...और पढ़ें

HighLights

  1. नगरा पीएचसी पर छात्रा को डेढ़ घंटे नहीं मिला उपचार।

  2. आपातकालीन स्थिति में ऑक्सीजन सिलेंडर खाली मिला, व्यवस्था पर सवाल।

  3. घटना के बाद छात्रा को जिला अस्पताल रेफर, जांच की मांग।

जागरण संवाददाता, नगरा (बलिया)। स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों पर सवाल खड़े करने वाली घटना बुधवार सुबह नगरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में सामने आई। उपचार के लिए पहुंची 11वीं की छात्रा अल्का पुत्री दिनेश कोदई को चिकित्सक के इंतजार में करीब डेढ़ घंटे तक रहना पड़ा। बाद में चिकित्सक ने उसे आक्सीजन देने की कोशिश की तो सिलेंडर खाली मिला। किसी तरह दूसरे सिलेंडर की व्यवस्था कर उपचार शुरू किया गया। हालत गंभीर होने पर छात्रा को जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया।

परिजनों के अनुसार, बुधवार सुबह करीब नौ बजे अल्का की तबीयत बिगड़ने पर वे उसे लेकर नगरा पीएचसी पहुंचे। वहां तत्काल चिकित्सकीय सहायता नहीं मिलने से वे परेशान रहे। चिकित्सक के आने के बाद अल्का को आक्सीजन की जरूरत पड़ी, लेकिन केंद्र में रखा सिलेंडर खाली होने से यह सुविधा तुरंत उपलब्ध नहीं हो सकी। बाद में दूसरे सिलेंडर की व्यवस्था की गई।

समय पर उपचार नहीं मिलने और केंद्र की व्यवस्था से चिंतित परिजनों ने परिचित के माध्यम से मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) और जिलाधिकारी को फोन कर घटना की जानकारी दी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और अल्का का उपचार शुरू हुआ। बाद में उसे जिला चिकित्सालय भेजा गया।

पीएचसी नगरा में चिकित्सक और फार्मासिस्ट की 24 घंटे तैनाती है। इसके बावजूद सुबह चिकित्सक की अनुपलब्धता और खाली आक्सीजन सिलेंडर मिलने से आपातकालीन सेवाओं की तैयारी पर सवाल उठे हैं। घटना के बाद स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था और जिम्मेदार कर्मचारियों की भूमिका की जांच की मांग की जा रही है।

प्रभारी चिकित्साधिकारी बब्बन यादव ने बताया कि सुबह केंद्र के कमरे में रखा आक्सीजन सिलेंडर खाली था। उनके अनुसार, बालिका सुबह साढ़े आठ बजे पहुंची थी और चिकित्सक कुछ देर बाद आए। हालत गंभीर होने के कारण उसे रेफर किया गया।

सीएमओ अभयनारायण राय ने बताया कि चिकित्सक के आने में 20 मिनट का अंतर हुआ था। सिलेंडर में आक्सीजन समाप्त हो गई थी, इसलिए दूसरा सिलेंडर मंगाकर लगाया गया। उन्होंने कहा कि बच्ची जिला चिकित्सालय में भर्ती है और उसकी हालत खतरे से बाहर है।