जागरण संवाददाता, बलिया : विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बाद एक कोल्ड स्टोरेज से बुजुर्गों व दिव्यांगजनों को दिए जाने वाले सहायक उपकरणों की बरामदगी के मामले में नया मोड़ गया है। इसको लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग से स्पष्टीकरण मांगा था। दिव्यांगजन सशक्तीकाण अधिकारी राजीव कुमार यादव ने अपना पक्ष उनके समक्ष प्रस्तुत कर दिया है। उन्होंने इसके लिए उपकरणों की आपूर्ति करने वाली कंपनी को जिम्मेदार ठहराया है। ऐसे में कोल्ड स्टोरेज तक उपकरण कैसे पहुंचे यह अब भी बड़ा सवाल बना हुआ है।

25 जनवरी को किसी व्यक्ति की शिकायत पर प्रशासन की टीम ने कनैला गांव स्थित कोल्ड स्टोरेज में छापेमारी की थी। इस दौरान वहां से भारी मात्रा में विभिन्न उपकरण बरामद हुए थे। इसमें एडिप योजना के तहत दिव्यांगों को दी जाने वाली लगभग 30 व्हीलचेयर व वयोश्री योजना के तहत बुजुर्गों के लिए लगभग 70 कमोड युक्त व्हीलचेयर व अन्य उपकरण शामिल थे। इन सभी उपकरणों को सोहांव ब्लाक व स्टेडियम में भेजवा दिया गया। इसके बाद निर्वाचन अधिकारी ने दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग से स्पष्टीकरण मांगा। अब स्पष्टीकरण मिलने के बाद गेंद कंपनी के पाले में चली गई है।

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ट्राई साइकिल नहीं व्हीलचेयर सहित थे अन्य उपकरण--

दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी राजीव कुमार यादव ने स्पष्टीकरण दिया है कि केंद्र सरकार द्वारा वृद्धजनों को राष्ट्रीय वयोश्री व दिव्यांगजनों को एडिप योजना के अंतर्गत सहायक उपकरण प्रदान किए जाते हैं। इसका समस्त दायित्व (चिन्हांकन व वितरण) भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण कंपनी एलिम्को कानपुर का होता है। बरामद उपकरण ट्राई साइकिल न होकर व्हीलचेयर आदि हैं। विभाग द्वारा उक्त उपकरण न तो क्रय किए गए हैं और न ही फेफना विधानसभा क्षेत्र में वितरण की कार्यवाही की गई है। सभी उपकरण कंपनी ने उपलब्ध कराए व उनके अधिकारियों की देखरेख में वितरण हुआ। कंपनी या नोडल अधिकारियों ने इस संदर्भ में विभाग को कोई सूचना नहीं दी। इसमें विभाग की किसी प्रकार की संलिप्तता नहीं है।

Edited By: Jagran