जागरण संवाददाता, बलिया : भारत छोड़ो आंदोलन की 77वीं वर्षगांठ पर आयोजित 'वृक्षारोपण महाकुंभ' के तहत शुक्रवार को जिले में करीब 35 लाख पौधे लगाए गए। इसमें अकेले वन विभाग ने 10 लाख 60 हजार पौधों का रोपण किया वहीं अन्य 19 विभागों के सहयोग से 24 लाख 81 हजार पौधे रोपित किए गए। इस दौरान बलिया-बांसडीह रोड मार्ग पर 10 किमी तक मानव श्रृंखला भी बनाई गई। इसमें ज्ञानपीठिका, जीजीआइसी, 90 व 93 बटालियन एनसीसी के कैडेट्स सहित अन्य स्कूल के हजारों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। मानव श्रृंखला द्वारा चार हजार से अधिक पौधे लगाए गए।

वृक्षारोपण कार्यक्रम की शुरुआत नोडल अधिकारी/प्रमुख सचिव पशुधन एवं मत्स्य विभाग बीएल मीणा, डीएम भवानी सिंह खंगारौत, सीडीओ बद्रीनाथ सिंह, एसडीएम बांसडीह अन्नपूर्णा गर्ग, एसडीएम रसड़ा विपिन जैन ने तिखमपुर के पास सड़क किनारे पौधरोपण कर किया। इसके बाद युद्धस्तर पर पौधारोपण का सिलसिला शुरू हुआ। इस अभियान के तहत एसपी आफिस प्रांगण में एसपी देवेन्द्र नाथ ने पौधारोपण किया। इसके अलावा कलेक्ट्रेट, विकास भवन, कृषि भवन, जल निगम समेत विभिन्न विभागों के आला अधिकारियों से लेकर वन विभाग के रेंजर्स व वन रक्षकों ने भी इस अभियान में हिस्सा लिया।

पांच हेक्टेयर में बन रहा गांधी उपवन

भारत छोड़ो आंदोलन की बरसी पर आयोजित वृक्षारोपण महाकुंभ के तहत चिलकहर ब्लॉक के रत्तोपुर गांव में गांधी उपवन की स्थापना हुई। प्रमुख सचिव बीएल मीणा ने पाकड़, बरगद, पीपल, अशोक व आंवला के पौधे लगाकर पंचवटी की स्थापना की। इस दौरान वहां जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अनिल कुमार के अलावा डीएम, सीडीओ, डीएफओ व अन्य अधिकारियों ने भी पौधरोपण किया। उक्त उपवन 5 हेक्टेयर में बन रहा है जिसमें तरह-तरह के हजारों पौधे लगाए जाएंगे।

भारत छोड़ो आंदोलन जैसा हो वृक्षारोपण अभियान : प्रमुख सचिव

प्रमुख सचिव व जनपद के नोडल अधिकारी बीएल मीणा ने कहा कि आज ही के दिन भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत हुई थी। कुछ इसी प्रकार के आंदोलन के रूप में वृक्षारोपण को भी लेने की जरूरत है। प्रदेश की जनसंख्या 22 करोड़ है और सबसे अपील है कि हर एक व्यक्ति कम से कम एक पौधा जरूर लगाएं, तभी पर्यावरण संतुलन बेहतर होगा।

घंटों कतार में लगे रहे बच्चे, नहीं दिया तवज्जो

पौधारोपण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए स्कूली बच्चों द्वारा तरह तरह के कार्यक्रम प्रस्तुत किए। ज्ञान पीठिका के छात्रों ने महात्मा गांधी पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत कर सबको मोह लिया। इस दौरान हजारों की संख्या में स्कूली बच्चों ने मानव श्रृंखला में भाग लेकर आमजन को पौधारोपण के लिए जागरूक किया। पर अफसोस घंटों कतार में खड़े होकर लोगों को पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने वाले बच्चों के लिए पीने के पानी तक की भी व्यवस्था नहीं की गई थी। यही नहीं हजारों की संख्या में मौजूद बच्चे उस समय काफी असहज हो गए जब घंटों इंतजार के बाद पहुंचे डीएम भवानी सिंह खंगारौत ने बच्चों से औपचारिकता तक नहीं निभाई। गाड़ी से उतर कर पौधा रोपण की रश्म अदायगी कर लौटने से बच्चे काफी दुखी हो गए।

ग्राम्य विकास विभाग को मिला था सबसे ज्यादा लक्ष्य

वृक्षारोपण महाकुंभ के तहत 16 लाख 30 हजार 636 पौधे लगाकर ग्रामीण विकास विभाग ने रिकार्ड कायम किया। इसके अलावा कृषि विभाग द्वारा दो लाख 27 हजार 831, पंचायती राज द्वारा एक लाख 68 हजार 852, उद्यान विभाग के सौजन्य से 1 लाख 61 हजार पौधे लगाए गए। वहीं माध्यमिक शिक्षा विभाग ने 89 हजार, बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा 63 हजार पौधे रोपित किए गए। इसके अलावा सिचाई, लोक निर्माण विभाग, नगर विकास, प्राविधिक शिक्षा, स्वास्थ्य विभाग, पशुपालन, उद्योग, सहकारिता, पुलिस विभाग, रेलवे, विद्युत व उच्च शिक्षा विभाग ने भी इस महायज्ञ में अपनी आहुति दी। विभिन्न विभागों में किया गया पौधारोपण

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. पीके मिश्रा एवं जिला क्षय रोग अधिकारी डा. केडी प्रसाद ने कैंप कार्यालय पर पौधारोपण किया। इस मौके पर सभी कर्मचारी उपस्थित रहे। इसी क्रम में सेंट्रल बैंक के संस्थापक सोराबजी पोचनखानावाला की 138वीं जयंती व पौधारोपण महाकुंभ पर सेंट ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी) जीराबस्ती पर पौधारोपण किया गया। मुख्य अतिथि डीडीएम नाबार्ड अखिलेश कुमार सिन्हा, एलडीएम दिनेश कुमार सिन्हा व सुधीर कुमार सिंह ने कई फलदार पौधों का रोपण किया। इस मौके पर दिनेश कुमार यादव, आलोक सिंह, प्रदीप कुमार सिंह, मनीष श्रीवास्तव, दीप्ति, सुरेंद्र यादव आदि मौजूद थे। इसी क्रम में राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय परिसर में आयुर्वेद व यूनानी के चतुर्थ श्रेणी कर्मियों ने हास्पीटल प्रांगण में औषधियुक्त पौधों का रोपण किया। इस मौके पर रामअवध यादव, दूधनाथ राम, राजीव शर्मा, राजेंद्र साहू, प्रेमचंद प्रसाद, गोविद राम, पुन्नू राम, योगेश आदि मौजूद थे। अध्यक्षता डा. राजकुमार शर्मा ने किया। सोहांव क्षेत्र के जमुना राम स्नातकोत्तर महाविद्यालय, चितबड़ागांव, में महाविद्यालय प्रबन्धक, प्राचार्य, शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं ने महाविद्यालय प्रांगण में विविध प्रकार के छायादार पौधे लगाए। प्रबन्धक डा. धर्मात्मानंद ने एक वृक्ष दस पुत्र समान की उक्ति को रेखांकित करते हुए सबको पौधारोपण करने की सलाह दी। प्राचार्य डा. अंगद प्रसाद गुप्त ने पर्यावरण संतुलन के लिए पौधारोपण को आवश्यक बताया। इस मौके पर डा. राकेश गुप्त, डा. विपिन कुमार, डा. उदय नारायण श्रीवास्तव, डा. विनोद कुमार यादव, डा. पूनम राय आदि मौजूद थीं। वहीं सुरेंद्र नाथ सिंह फाउंडेशन बहादुरपुर के सौजन्य से विभिन्न स्थानों पर पौधरोपण किया गया। सचिव अमित सिंह बघेल ने वृक्षों की घटती संख्या पर चिता जताई। इस मौके पर विजया सिंह, सचिन सिंह, विवेक सिंह, पिकू सिंह, शिखर सिंह आदि थे।

रसड़ा : चिलकहर विकास खंड के ग्राम पंचायत तद्दीपुर (रत्तोपुर) में गांधी उपवन की स्थापना के तहत मुख्य अतिथि प्रमुख सचिव पशुधन, मत्स्य बीएल मीणा व जिलाधिकारी भवानी सिंह खंगारौत ने पौधरोपण कर अभियान का आगाज किया। प्रमुख सचिव ने पूरे प्रदेश में 22 करोड़ पौधे लगाने के लक्ष्य को पूराकर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में पहल करने का आह्वान किया। इसके अलावा गोपालपुर पशु आश्रय केंद्र के समीप पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को सचेत रहने तथा अधिकाधिक पौधे लगाये जाने का आह्वान किया। इस दौरान तद्दीपुर में 200 तथा गोपालपुर में 400 पौधे लगाये गए। कार्यक्रम में डीएफओ श्रद्धा यादव, एसडीएम बीके जैन, एसडीएम बांसडीह अन्नपूर्णा गर्ग, डा. रमेश यादव, मीना सिंह, प्रधान रणजीत कुमार, ब्रजभूषण चौबे आदि मौजूद थे। इस मौके पर सीताराम मथुरा दास महाविद्यालय, गांधी इंटर कालेज आदि स्कूलों के बच्चे भी मौजूद थे।

Posted By: Jagran

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