जागरण संवाददाता, बिल्थरारोड (बलिया) : मऊ जनपद को मधुबन के रास्ते बलिया से जोड़ने वाली चौकिया मोड़ से अखोप गांव तक की राष्ट्रीय उच्च मार्ग की सड़क की हालत सबसे ज्यादा बदहाल है। आलम यह है कि उक्त मार्ग के करीब तीन किलोमीटर की जर्जर सड़क में छोटे-बड़े करीब 3300 गड्ढे हो गए हैं। चौकिया मोड़ से बिल्थरारोड तहसील, त्रिमुहानी, कृषि मंडी, मधुबन रेलवे क्रासिग होते हुए अखोप गांव के समीप देवेंद्र डिग्री कालेज तक करीब तीन किलोमीटर की सड़क पर बने सैकड़ों छोटे-बड़े गड्ढे दुर्घटना का मुख्य कारण हो गए है। जिस पर वाहन का दौड़ना तो दूर एक कदम पैदल चलना कठिन है।

इस मार्ग पर दोपहिया व चारपहिया वाहन की रफ्तार भी धीमी हो गई है और महज तीन किलोमीटर का सफर यहां आधा घंटा में तय करना मजबूरी हो गया है। वह भी सुरक्षित निकल गए तो भगवान भरोसे ही। कुछ ऐसी ही स्थिति चौैकिया मोड़ से पिपरौली के रास्ते बेल्थराबाजार तक का है। जबकि नगर से सटे कुंडैल-बांसपार बहोरवां मोड़ से बांसपार गांव तक की सड़क भी बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो गई है। जो करीब एक दर्जन गांव के सैकड़ों लोगों के बिल्थरारोड तहसील मुख्यालय आने का मुख्य मार्ग है। जर्जर सड़क के मरम्मत व निर्माण को लेकर लोगों के कई बार गुहार लगाएं जाने के बावजूद क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि सड़क की बदहाली को लेकर चुप्पी साधे हुए है। जिसके कारण लोगों में जबरदस्त नाराजगी है।

क्षेत्रीय सलेमपुर भाजपा सांसद रविद्र कुशवाहा ने चौकिया मोड़-अखोप मार्ग की सड़क के चौड़ीकरण व निर्माण को लेकर वर्षों पूर्व आश्वासन दिया था, कितु अब तक निर्माण की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। हां सांसद के निर्देश पर पीडब्ल्यूडी ने आनन-फानन में सड़क के गड्ढों को गिट्टी से ढंक मनमाने तरीके से मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया है। समाजसेवी शिवमंगल गुप्ता विक्की ने कहा कि बिल्थरारोड के चौकिया-अखोप मार्ग के तीन किलोमीटर में 3300 गड्ढे वाली सड़क पूरे यूपी के लिए अजूबा है। इसके लिए सांसद का प्रयास भी अब तक विफल रहा है।

इलाकाई नागरिक अनिल चौैरसिया ने कहा कि सड़क खराब होने के कारण सड़क की सारी धुल व गंदगी सीधे दुकानों व घरों में आती है। जिससे सड़क किनारे के घरों में रहना मुश्किल सा हो गया है। अधिवक्ता राशिद कमाल पासा ने कहा कि हल्की बरसात में भी कुंडैल-बांसपार बहोरवां मार्ग की सड़कें झील बन जाती है और लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है। शाहिद समाजवाद ने कहा कि चौकिया-अखोप संग बांसपार बहोरवा मार्ग समेत जर्जर सड़कों से होकर गुजरना राहगीरों के लिए तो परेशानी है ही मरीजों, प्रसूता महिलाओं व इमरजेंसी में वृद्धों को ले जाना ज्यादा जानलेवा हो जाता है।

Posted By: Jagran

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