विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

बल‍िया नगर पालिका क्षेत्र में 1577 जर्जर भवन, प्रशासन को हादसे का इंतजार

By Lavkush Singh Edited By: Abhishek sharma
Published: Mon, 31 Aug 2026 02:49 PM (IST)

बलिया नगर पालिका क्षेत्र में 1577 जर्जर भवन हैं, जिन पर प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है। इन भवनों ...और पढ़ें

बलिया में 1577 जर्जर भवन बने खतरे का सबब प्रशासन बेखबर।

बलिया में 1577 जर्जर भवन बने खतरे का सबब प्रशासन बेखबर।

HighLights

  1. बलिया नगर पालिका में 1577 जर्जर भवन मौजूद।

  2. प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं, मूल्यांकन भी नहीं।

  3. हजारों लोगों का जीवन जर्जर भवनों में खतरे में।

जागरण संवाददाता, बलिया। नगर पालिका परिषद में 15772 मकान हैं, इसमें इतने ही परिवार रहते हैं, लेकिन इन भवनों में 1577 मकानों की स्थिति जर्जर हो चली है। इसके बाद भी नगरपालिका प्रशासन की ओर से इस पर कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है। अभी तक मूल्यांकन कार्य तक नहीं हुआ है। प्रशासन के लोग तभी जागते हैं, जब कोई बड़ा हादसा हो जाता है।

जर्जर मकानों के चलते शहर की सूरत भी खराब लग रही है। लंबे समय से इन भवनों का मरम्मत कार्य या रंग रोहन कार्य भी नहीं हुआ है। महायोजना-2031 में नगरपालिका प्रशासन की ओर से यह आंकड़ा प्रस्तुत किया गया है। वर्ष 2011 के जनगणना के अनुसार नगर की आबादी 1.04 लाख बताई गई है, लेकिन अब जनसंख्या लगभग 1.50 लाख के करीब हो गई है।

नगर में 1577 परिवार में प्रति परिवार पांच सदस्य के हिसाब से भी देखें तो 7885 लोगों का जीवन जर्जर भवनों में हर समय संकट में है। इसके अलावा अधिकांश सरकारी भवन भी 100 वर्ष से ज्यादा अवधि के होने के कारण जर्जर हो गए हैं, लेकिन उसी में बैठकर कर्मचारी काम करते हैं।

शहर का राजकीय इंटर कालेज की अवधि भी 100 साल से अधिक है। उसमें विद्यार्थी बैठकर पढ़ाई करते हैं। जर्जर भवनों को चिह्नित करने के मामले में भी नगरपालिका की ओर से कोई कदम नहीं उठाए गए हैं। जबकि शासन से जर्जर भवनों का मूल्यांकन कर संबंधित लोगों को मरम्मत कराने या तोड़ने के लिए नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए थे।

शहर के इस रूट में ज्यादा दिख रहे जर्जर मकान
शहर के चित्तू पांडेय चौक से एससी कालेज चौराहा के बीच 100 से भी अधिक दो व तीन मंजिला इमारतें जर्जर हाल में सड़क पर से ही दिख जा रहीं हैं। उसकी लंबे समय से मरम्मत नहीं हुई है। बिशुनीपुर चौराहे के पास भी सड़क किनारे स्थित मकानों की स्थिति बेहतर नहीं हैं। कई मकानों के प्लाटर गिर रहे हैं। कई मकान किराएदारों को देकर भवन स्वामी कहीं दूसरे शहर में रहते हैं।

नगरपालिका में जर्जर भवन जल्द ही चिह्नित किए जाएंगे। उसके बाद भवन स्वामी को मरम्मत के लिए नोटिस भेजा जाएगा। जो भवन अब रहने लायक नहीं हैं, उसे तोड़कर नए निर्माण के लिए निर्देशित किया जाएगा।


-

आशाराम वर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट, प्रभारी अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका, बलिया।