जागरण संवाददाता, बलिया : जिले में 02 से 12 दिसंबर तक सघन मिशन इंद्रधनुष 2.0 अभियान का प्रथम चरण चलाया गया। इसमें स्वास्थ्य विभाग की ओर से 100 प्रतिशत बच्चों और गर्भवती महिलाओं का 114 प्रतिशत टीकाकरण किया गया। यह जानकारी जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. एके मिश्रा ने दी। बताया कि सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान में दो तरह के बच्चों को शामिल किया गया था। पहला लेफ्ट आउट, जिन बच्चों को एक भी टीका नहीं लगा है। दूसरा ड्राप आउट, ऐसे बच्चे जिन्होंने एक या दो टीके लगवाने के बाद बीच में अन्य टीके नहीं लगवाये थे।

डॉ.मिश्र ने बताया कि नवजात शिशुओं और बच्चों में होने वाली जानलेवा बीमारियों जैसे पोलियो, खसरा-रूबेला, रोटा वायरस, डिप्थीरिया, टिटनेस, काली खांसी आदि से बचाने के लिए संपूर्ण टीकाकरण बेहद जरूरी है। सरकार नवजात शिशुओं और बच्चों को इन बीमारियों से बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। यदि बच्चों का टीकाकरण समय से कराते हैं तो बच्चे जीवन भर स्वस्थ और खुशहाल रहेंगे। बताया कि इंद्रधनुष के सात रंगों को प्रदर्शित करने वाले इस मिशन का उद्देश्य है कि वर्ष 2020 तक सभी बच्चों का टीकाकरण करना है। इस अभियान का दूसरा चरण छह जनवरी से 16 जनवरी, तीसरा तीन फरवरी से 12 फरवरी, और चौथा दो मार्च से 16 मार्च में चलाया जाएगा। यह अभियान जिले के नगरीय इलाकों, मुरली छपरा, हनुमानगंज, बांसडीह, रसड़ा ब्लॉक में चलाया जा रहा है।

Posted By: Jagran

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