जासं, बहराइच : जिले में इस बार 1.30 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य शासन ने निर्धारित किया है। लक्ष्य के सापेक्ष क्रय केंद्र भी बढ़ाए गए हैं। सात एजेंसियां समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीद करेंगी। इनमें दो एजेंसिया पहली बार खरीद में शामिल की गई हैं। डिप्टी आरएमओ ने क्रय केंद्रों का निरीक्षण कर कांटा, बोरा व किसानों के लिए निर्धारित की गई सेवाओं का जायजा लिया।

जिले के किसान हरियाणा व पंजाब की तर्ज पर गेहूं की खेती कर रहे हैं। इस बार 1.50 लाख हेक्टेअर से अधिक क्षेत्रफल में गेहूं की खेती की गई है। पैदावार को देखते हुए शासन ने एक लाख 30 हजार 500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया है,जो की पिछले वर्ष की अपेक्षा 3200 मीट्रिक टन कम है। लक्ष्य का साधने के लिए इस बार तीन क्रय केंद्र बढ़ाए गए हैं। एक अप्रैल से 150 क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद शुरू हुई है। इनमें उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी समिति व नेफेड को पहली खरीद का जिम्मा सौंपा गया है। जबकि एनसीसीएफ को खरीद से बाहर रखा गया है। हालाकि अभी तक एक भी केंद्र की बोहनी नहीं हुई है। गेहूं खरीद को लेकर जिला विपणन अधिकारी विपिन राय ने रिसिया, नानपारा मंडी का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को परखा। उन्होंने केंद्र प्रभारियों को गेहूं खरीद में तेजी लाने के निर्देश दिए। अब तक 800 किसानों ने कराया पंजीयन समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद की पारदर्शी व्यवस्था को लेकर किसानों का ऑनलाइन पंजीयन अनिवार्य किया गया है। गैर पंजीकृत किसान क्रय केंद्र पर गेहूं की बिक्री नहीं कर सकेंगे। अब तक 800 किसानों की ओर से ही पंजीयन कराया गया है। डिप्टी आरएमओ ने बताया कि पूर्व में पंजीकृत किसानों का केंद्र पर ही डाटा अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं।

Posted By: Jagran

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