विश्वकर्मा योजना का दायरा बढ़ा: बुनकर हों या सुनार, 25 तरह के हुनरमंदों को मिलेंगे नए औजार
विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना का दायरा बढ़ा दिया गया है, जिसमें अब 25 तरह के हुनरमंदों को आधुनिक औजार, प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता मिलेगी।
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प्रतीकात्मक प्रस्तुतीकरण के लिए तस्वीर को एआई टूल की मदद से बनाया गया है।
रितेश श्रीवास्तव, बहराइच। पीढ़ियों से हाथों में चले आ रहे औजार अब आधुनिक तकनीक से लैस होंगे। बढ़ई की आरी हो, या सुनार के बारीक काम के औजार, विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत कारीगरों को अब बेहतर उपकरण और कारोबार बढ़ाने का अवसर मिलेगा। सरकार ने योजना का दायरा बढ़ाते हुए 14 नए ट्रेड शामिल किए हैं। इसमें 25 तरह के कारीगरों और युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के साथ आधुनिक टूल किट और वित्तीय सहायता दी जाएगी।
इन 25 ट्रेड के कारीगरों और युवाओं को कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक टूल किट और कारोबार वित्तीय सहायता दी जाएगी। प्रशिक्षण के बाद चयनितों को 15 हजार रुपये कीमत तक की उन्नत टूल किट मुफ्त मिलेगी।
बढ़ई, दर्जी, कुम्हार, लोहार, नाई, राजमिस्त्री, सुनार, टोकरी बुनकर, हलवाई, मोची और धोबी जैसे पारंपरिक कामों के साथ मोबाइल रिपेयर, आटोमोबाइल रिपेयर, इलेक्ट्रानिक गुड्स रिपेयर, इलेक्ट्रिकल रिपेयर, प्लंबर, कंप्यूटर रिपेयर, सोलर इंस्टालेशन, डिजिटल फोटोग्राफी, साफ्टवेयर और हार्डवेयर जैसे आधुनिक कार्य भी योजना में शामिल हैं।
इसके साथ ही चयनितों को 10 दिन का निश्शुल्क प्रशिक्षण के साथ 4500 रुपये डीबीटी से खाते में भेजे जाएंगे। प्रमाणपत्र और संबंधित ट्रेड के आधुनिक उपकरणों की टूल किट दी जाएगी। प्रशिक्षित कारीगरों को 10 लाख रुपये तक ऋण और 15 प्रतिशत तक मार्जिन मनी सब्सिडी के साथ बिना गारंटी ऋण और ब्याज लागत में राहत मिलेगी।।
पारंपरिक कारीगरों के साथ मोबाइल-कंप्यूटर से जुड़े युवाओं को भी रोजगार का हुनर देकर आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाएगा। जल्द ही इस नई व्यवस्था में लक्ष्य प्राप्त होगा।
-केशव राम वर्मा, उपायुक्त उद्योग।
