यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 12, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
तराई में जारी है बुखार का सितम, दो की मौत

जागरण कार्यालय, बहराइच : तराई में संदिग्ध दिमागी बुखार का सितम बढ़ता जा रहा है। फागिंग व सफाई का अभियान अभी तक परवान नहीं चढ़ सका है। जिला चिकित्सालय के चिल्ड्रेन वार्ड में भर्ती होने वाले बच्चों की संख्या में इजाफा हो रहा है। वहीं डेंगू के मरीजों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। बुखार से पीड़ित दो लोगों की मौत हो गई। तीन मरीजों के रक्त नमूनों की जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है।
फखरपुर थाना क्षेत्र के मरौचा निवासी मुन्नी देवी पत्नी कुंदन लाल तथा पयागपुर थाना क्षेत्र के रवि(5)पुत्र मस्तराम की आज चिकित्सालय में उपचार के दौरान मौत हो गई। दोनों के परिवारीजनों ने इनको गंभीर हालत में चिकित्सालय में भर्ती कराया था। वहीं जिला चिकित्सालय के चिल्ड्रेन वार्ड में 17 बच्चों को भर्ती कराया गया है जिसमें अधिकांश बच्चे संदिग्ध दिमागी बुखार आने के कारण भर्ती किए गए हैं। वरिष्ठ बालरोग विशेषज्ञ डॉ.केके वर्मा ने बताया कि जुलाई से अगस्त तक जापानी इंसेफ्लाइटिस और डेंगू का प्रकोप अधिक रहता है। सावधानी बरतने की जरूरत है। रात में सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें और अपने घर के आसपास गंदा पानी न जमा होने दें। तभी इन रोगों से बचा जा सकता है।
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