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बहराइच, जेएनएन। जिले के मोतीपुर वन्य क्षेत्र के गांवों में तेंदुआ आतंक का पर्याय बना हुआ था। वन क्षेत्र मोतीपुर की टीम पिछले 15 दिनो से तेंदुए को पकडऩे के लिए काफी सक्रिय थी। कई दिनो से जगह बदल-बदल कर पिंजरा लगा रही वन विभाग टीम को सोमवार रात सफलता मिली। रात करीब 2 बजे शिकार की तलाश में निकला तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया। 

ये है पूरा मामला 

वन क्षेत्र मोतीपुर की टीम पिछले 15 दिनो से तेंदुए को पकडऩे के लिए काफी सक्रिय थी। वन विभाग पिछले कई दिनो से जगह बदल-बदल कर पिंजरा लगा रहा था। सोमवार की रात करीब 2 बजे शिकार की तलाश में निकला तेंदुआ दौलतपुर के समीप खेत में लगे पिंजरे में कैद हो गया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची वन टीम तेंदुए को वन रेंज कार्यालय मोतीपुर लेकर आयी, जहां तेंदुए का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। डॉ विनोद कुमार और डॉ एसके सुनवानी के मौजूदगी में तेंदुआ का मेडिकल चेकअप किया गया। वन दरोगा शिव कुमार शर्मा ने बताया कि यह एक मादा तेंदुआ है। इसकी उम्र लगभग डेढ़ वर्ष है। यह पूरी तरह स्वस्थ है, जल्द ही इसे पुन: जंगल में छोड़ा जायेगा।

मवेशियों पर कई बार चुका है हमला 

बताया जा रहा है कि पिछले एक माह से दौलतपुर, महेशपुर, बलसिंहपुर, लगदिहा, शाहपुर आदि गांवो में लगातार तेंदुए ने मवेशियों व लोगों पर हमला कर चुका है। ग्रामीणो ने कई बार वन अधिकारियो को अवगत भी कराया।

 

Posted By: Anurag Gupta

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