बहराइच : शहर के दक्षिणी छोर से सटा शेखदहीर गांव ऐतिहासिक, पौराणिक और सामाजिक पृष्ठभूमि के ²ष्टिकोण से जाना जाता है। ग्राम पंचायत के बीच से होकर निकली सरयू की धारा इस गांव की छटा को और निखार रही है। सरयू के पूर्वी तट पर मंदिर में राम-जानकी विराजमान है तो पश्चिमी छोर पर श्री मरीमाता के सिद्धपीठ में हर रोज आस्था का सैलाब उमड़ता रहता है। गांव के बीच राम-कृष्ण सच्चा आश्रम शांति व सछ्वाव का प्रतीक है। गोशाला में गायों की झुंड गोकुल की याद दिलाती हैं। खेतों में लहलहाती गन्ने व तिल की फसलें किसानों की खुशहाली का संकेत दे रही हैं। निजी रोजगार यहां के लोगों को आर्थिक उन्नति की राह पर आगे बढ़ा रहा है। इन पर है नाज : बहराइच : गांव के बुजर्गो का तर्क है कि दशकों पूर्व यहां शेख समुदाय के लोगों की संख्या ज्यादा रही है। लोगों के प्रति उनकी निष्ठा व अपनत्व के चलते गांव का नाम शेखदहीर पड़ा। आज भले ही शेखदहीर गांव का समय के साथ भूगोल बदला हो, लेकिन पं. भगवानदीन मिश्र वैद्य की गांव के प्रति किया गया त्याग आज भी लोगों को उनका स्मरण कराता है। आजादी के दिनों में गांव के बाहर स्थित बाग में सेनानी जुटते थे। बाद में इस स्थान पर लोग रहने लगे, जिसे वैद्यपुरवा का नाम दिया गया। दो दशक तक प्रधान रहे रणबीर ¨सह व राम लखन यादव विकास पुरुष के नाम से जाने जाते हैं। यह है खूबी शेखदहीर 28 मजरों की पंचायत है। हर मजरे अपनी खासियत के लिए जाने जाते हैं। टेपरा में यादव बिरादरी की बहुलता है। यहां 40 फीसद लोग दुग्ध उत्पादन के व्यवसाय से जुड़े हैं। गन्ना, तिल नकदी फसल पर किसानों की अर्थव्यवस्था टिकी है। शहर से सटे होने के कारण 20 फीसदी लोगों का अपना स्वयं का रोजगार है। शिक्षा को लेकर ग्रामीणों का रवैया बदला है। मजदूरी से लेकर किसान व रोजगारी तक बच्चों की शिक्षा को लेकर ¨चतित हैं। मजबूत है आधारभूत ढांचा : शेखदहीर गांव की आबादी 25000 से अधिक है। मतदाताओं की संख्या 10000 है। 20 किमी की परिधि में फैले पंचायत में शुद्ध पेयजल, बिजली व बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का अभाव लेागों को अखर रहा है। यहां एक स्वास्थ्य उपकेंद्र, पांच सरकारी विद्यालय संचालित हो रहे हैं तो उच्च शिक्षा को लेकर अभिभावक निजी स्कूल पर आश्रित हैं। इलाज के लिए मीलों दूरी तय कर जिला अस्पताल लोग जाते हैं। तीन मजरें ऐसे हैं, जो बिजली से वंचित हैं। यह हो तो बने बात बालिका विद्यालय की स्थापना नाला निर्माण जल निकासी की व्यवस्था वंचित मजरों का विद्युतीकरण उद्योग धंधों की स्थापना पानी टंकी का निर्माण ²ष्टिकोण चित्र परिचय - 11बीआरएच 12 पूर्व प्रधान दिनेश यादव, 13 प्रधान शाहीन शेखदहीर की वर्तमान प्रधान शाहीन कहती हैं कि गांव की मूलभूत समस्याओं के निराकरण के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी। सबसे बड़ी समस्या जलनिकासी की है। उच्चाधिकारियों व जनप्रतिनिधियों से बात चल रही है। पूर्व प्रधान दिनेश कुमार यादव का कहना है कि अपने कार्यकाल में समग्र गांव के रूप में चयनित कराया था, लेकिन चुनाव आ जाने से इसका लाभ नहीं मिल सका। आबादी के हिसाब से मूलभूत सेवाएं गांव में मूर्तरूप नहीं ले सकीं है।

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