परितोष वर्मा, बहराइच :

घर-गृहस्थी संभालने के साथ ही अब आधी आबादी आत्मनिर्भर बन सकेगी। घर बैठे सूत उत्पादन से उनकी आमदनी बढ़ेगी। इसके लिए सरकार ने प्रशिक्षण शिविर शुरू किया है। पहले चरण में 25 महिलाओं को चुना गया है। प्रशिक्षण के बाद इन महिलाओं को निश्शुल्क सोलर चरखा दिया जाएगा, जिससे वे सूत कताई कर सकेंगी।

जिला उद्योग केंद्र में सूत उत्पादन के प्रशिक्षण का पहला बैच शुरू हो गया है। इसके लिए महिलाओं से आधार कार्ड व ग्राम प्रधान से प्रमाणित निवास प्रमाण पत्र के साथ गांधी आश्रम में आवेदन जमा कराया गया था। जिला ग्रामोद्योग संस्थान ने प्रशिक्षण के लिए उन्हें चयनित किया। एक माह के प्रशिक्षण लेने के बाद इन महिलाओं को गांधी आश्रम की ओर से पूनी उपलब्ध कराई जाएगी। वे पूनी से सूत बनाकर आश्रम को देंगी।

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300 रुपये प्रतिदिन कमाई :

महिलाएं सूत कताई से औसतन प्रतिदिन 200 से 300 रुपये आमदनी कर सकेंगी। इस सूत से गांधी आश्रम कपड़े बनाएगा। पारिश्रमिक महिलाओं के खाते में भेजा जाएगा।

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इनका हुआ चयन :

पयागपुर के कंजेभरिया की सुनीता सिंह, कल्पना देवी, पूजा देवी, अर्चना नाग, चित्तौरा ब्लॉक के डीहा गांव की मिथिलेश कुमारी, सुनीता देवी, पूनम देवी, फखरपुर ब्लॉक के मरौचा की मीना त्रिवेदी व मधु सहित 25 महिलाओं को प्रशिक्षण के लिए चुना गया है।

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पहले चरण में 25 महिलाओं को प्रशिक्षित किया जा रहा है। खादी व अन्य संस्थाएं प्रशिक्षण के लिए महिलाओं का पंजीकरण करेंगी। जिले में सिर्फ गांधी आश्रम ही सूत उत्पादन करा रहा है।

-सुधीर दुबे, जिला ग्रामोद्योग अधिकारी

Posted By: Jagran

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