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सखी मार्ट से एक छत के नीचे मिलेंगे स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद, महिलाओं की समृद्धि को मिलेगी नई उड़ान

Published: Sat, 05 Sep 2026 04:17 PM (IST)

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बहराइच में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सखी मार्ट स्थापित करेगा। ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. सखी मार्ट स्वयं सहायता समूह के उत्पादों को बाजार देंगे।

  2. महिलाओं को बिचौलियों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

  3. उत्पादों की बिक्री से महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधरेगी।

जागरण संवाददाता, बहराइच। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्म निर्भर बनाने की दिशा में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) ने नई पहल शुरू की है। समूह के तैयार उत्पादों को अब व्यवस्थित बाजार उपलब्ध कराने के लिए सखी मार्ट स्थापित किए जाएंगे। शहर के साथ ही ब्लाक स्तर के प्रमुख कस्बों में किराये के भवनों की तलाश शुरू कर दी गई है।

सखी मार्ट में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं द्वारा तैयार विभिन्न उत्पादों को एक ही छत के नीचे बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इससे स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को पहचान मिलने के साथ ही महिलाओं को बिचौलियों पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। उत्पादों की बिक्री से होने वाली आय सीधे समूहों और उनसे जुड़ी महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में सहायक होगी।

करना पड़ता है चुनौतियों का सामना

जिले में 50 से अधिक समूहों की महिलाएं विभिन्न् उत्पाद तैयार कर रही हैं। इनमें खाद्य सामग्री, हस्तनिर्मित वस्तुएं, घरेलू उपयोग के सामान कई उत्पाद शामिल हैं। वहीं 30 से अधिक समूह सेवा क्षेत्र से भी जुड़ी हुई हैं। हालांकि, बाजार में उत्पाद उतारने के दौरान समूहों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है।

ब्रांडेड कंपनियों के सस्ते उत्पाद, आकर्षक पैकेजिंग और बाजार तक सीमित पहुंच के कारण स्थानीय उत्पादों को प्रति स्पर्धा करनी पड़ती है। सखी मार्ट के माध्यम से इन समस्याओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। इससे समूह की महिलाओं को स्वरोजगार के साथ स्थायी आय का अवसर मिल सकेगा।

समूह के लिए सखी मार्ट की स्थापना को लेकर काम चल रहा है। जल्द ही समूहों को अपने उत्पाद बेचने के लिए एक अच्छा माध्यम मिलेगा। -धनंजय सिंह, उपायुक्त स्वत : रोजगार।