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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 03, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

यूपी के सात गांवों में भूमि अधिग्रहण की तैयारी, बिछाई जाएगी नई रेल लाइन; 40 मीटर की चौड़ाई में ली जाएगी जमीन

Published: Sat, 03 Aug 2024 03:55 PM (IST)

भारत सरकार की ओर से बहराइच-खलीलाबाद नई रेल लाइन प्रस्तावित है जो खलीलाबाद से श्रावस्ती मुख्यालय भिनगा होकर बहराइच तक ...और पढ़ें

नागरौर में निरीक्षण करतीं सिटी मजिस्ट्रेट शालिनी प्रभाकर (फाइल फोटो)
नागरौर में निरीक्षण करतीं सिटी मजिस्ट्रेट शालिनी प्रभाकर (फाइल फोटो)

HighLights

  1. दो माह में पूरा होगा नई रेल लाइन बिछाने का भूमि अधिग्रहण
  2. 240 किमी लंबी बिछेगी लाइन, 4,940 करोड़ की लागत से होगा काम

जागरण संवाददाता,  बहराइच। बहराइच से श्रावस्ती होते हुए खलीलाबाद तक नई रेल लाइन के लिए भूमि अध्याप्ति अधिकारी के नेतृत्व में भूमि की तलाश शुरू कर दी गई है। दो माह में भूमि अधिग्रहण का काम पूरा हो जाएगा। इसके बाद मुआवजे की कार्रवाई रेल मंत्रालय शुरू कर देगा। भारत सरकार की ओर से बहराइच-खलीलाबाद नई रेल लाइन प्रस्तावित है, जो खलीलाबाद से श्रावस्ती मुख्यालय भिनगा होकर बहराइच तक आएगी।

लगभग कई हजार लोगों को फायदा मिलेगा। वर्ष 2018 में सरकार ने नीति आयोग की स्वीकृति के बाद 4940 करोड़ की रेल परियोजना को स्वीकृति प्रदान की थी। लगभग 240 किलोमीटर लाइन बिछाने पर काम होगा। बहराइच-खलीलाबाद रेल लाइन के लिए जिले के सात ग्राम पंचायत की भूमि प्रस्तावित है।

बहराइच में अधिग्रहण का काम शुरू

तहसील बहराइच के ग्राम हटवा रायब, इटौझा, रेवली, चुरैला, अशोका, नगरौर एवं अमीनपुर नगरौर की भूमि अधिग्रहीत की जा रही है। इस परियोजना के लिए खलीलाबाद, सिद्धार्थनगर समेत अन्य जिलों में भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई पहले से शुरू कर दी गई थी, मगर अभी बहराइच में इसका काम रफ्तार नहीं पकड़ पाया था। रेल मंत्रालय का पत्र मिलने के बाद जिला प्रशासन ने सर्वे का कार्य शुरू किया है।

सर्वे कार्य के लिए भूमि अध्याप्ति अधिकारी की ओर से टीमों का गठन किया गया है। बहराइच-खलीलाबाद नई रेल लाइन के लिए रेलवे की ओर से प्रस्तुत किए गए भूमि अधिग्रहण प्रस्ताव पर भूमि अध्याप्ति अधिकारी व नगर मजिस्ट्रेट शालिनी प्रभाकर की देखरेख में नौ गांवों में परिसंपत्तियों का आकलन किया जा रहा है।

रेल लाइन के निर्माण के लिए 40 मीटर की चौड़ाई में भूमि ली जाएगी। अर्जन क्षेत्र में प्रभावित होने वाली परिसंपत्तियों का परीक्षण कराया जा रहा है। जांच में जो भी परिसंपत्तियां पाई जाएंगी, उनका भी नियमानुसार मुआवजा दिलाया जाएगा। - शालिनी प्रभाकर, भूमि अध्याप्ति अधिकारी

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