बहराइच : मिहींपुरवा ब्लॉक के 95 लाभार्थियों के खातों से पीएम आवास की रकम को हड़पने वाले हैकर्स की जांच अब क्राइम ब्रांच करेगी। इस मामले में मोतीपुर पुलिस छह माह से जांच कर रही थी, जो किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। पुलिस के रवैए व शासन स्तर पर हो रही मानीट¨रग को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। प्रदेश सरकार ने झारखंड सरकार को हैकर्स से जुड़ी रिपोर्ट सौंप दी है।

प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2016-17 में 95 लाभार्थियों का चयन किया गया था। इन लाभार्थियों के आवास का 54 लाख रुपये ग्राम्य विकास विभाग की ओर से अवमुक्त किया गया था, लेकिन रकम खातों में पहुंची ही थी कि हैकर्स ने रकम को अपने रिश्तेदारों के खातों में ट्रांसफर कर निकाल लिया। कई माह बीतने के बाद भी खातों में रकम न पहुंचने पर लाभार्थी विभाग व बैंकों का चक्कर लगाते रहे, पर जिम्मेदारों ने ध्यान नहीं दिया। एक साल से अधिक समय बीतने पर जुलाई 2018 में शासन ने इसे गंभीरता से लेकर जांच शुरू कराई तो झारखंड के गढ़वा स्टेट बैंक की कई शाखाओं से धन के भुगतान का राजफाश हुआ। इस राजफाश के बाद बीडीओ मिहींपुरवा की ओर से 20 जुलाई को मोतीपुर में मुकदमा दर्ज कराया गया। छह माह बीतने के बाद भी तफ्तीशी सुई एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकी तो जांच की जिम्मेदारी अब क्राइम ब्रांच को दी गई है। क्राइम ब्रांच को जांच सौंपी गई है। शासन स्तर से भी मानीट¨रग की जा रही है। अनिल ¨सह, पीडी डीआरडीए, बहराइच

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