बहराइच, जेएनएन। आखिरकार इम्यूनिटी बढ़ाकर कोरोना से जिंदगी बचाने के नाम पर कोविड अस्पताल में भर्ती संक्रमितों के दर्द को सत्तारूढ़ दल के सांसद व विधायकों ने महसूस किया। कोविड अस्पताल में भूख से बेहाल मरीज शीर्षक से दैनिक जागरण के 21 जुलाई को प्रकाशित खबर को जनप्रतिनिधियों ने संज्ञान लिया। व्यवस्था परखी। पीने के लिए गर्म पानी तो दूर नहाने तक पानी की व्यवस्था नहीं दिखी। जिम्मेदारों की इम्यूनिटी बढ़ाने के साथ प्रदत्त सेवाओं के दावों की पोल खुली तो संक्रमितों की व्यथा को मुख्यमंत्री तक पहुंचाया है। 

 पूर्व मंत्री/सदर विधायक अनुपमा जायसवाल ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में लिखा है कि कोविड अस्पताल चित्तौरा व अन्य अस्पतालों में भर्ती किए गए संक्रमितों को घटिया स्तर का भोजन मुहैया कराया जा रहा है। स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से बदहाल हैं। मास्क व सैनिटाइजर तो दूर गर्म पानी तक उन्हें नहीं मिल रहा है। विधायक ने दैनिक जागरण के खबर का हवाला देकर मुख्यमंत्री से आपूर्ति संस्था व जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है। इससे पहले बहराइच सांसद अक्षयवर लाल गोंड भी संक्रमितों के नाम पर हो रही लूट पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री से शासन स्तर पर टीम गठित कर जांच की मांग कर चुके हैं। 

बिजली जाते ही अस्पताल में छा जाता अंधेरा 

रिसिया स्थित महिला पॉलीटेक्निक को फैसिलिटी सेंटर बनाया गया है। यहां रखे गए संक्रमित भोजन तो दूर बदहाल व्यवस्था से व्यथित हैं। बिजली जाते ही वार्ड में अंधेरा छा जाता है। उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल हैं। शौचालय से उठ रही दुर्गंध व पीने के लिए गर्म पानी तक की व्यवस्था नहीं है।