बहराइच : गांवों में पंचायतघर, सुलभ शौचालय, खड़ंजा, नाली आदि विकास कार्यों के लिए मंगाई गई सामग्री का पिछले आठ माह से भुगतान नहीं हो सका है। इससे आपूर्तिकर्ता फर्मों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और वे ग्रामपंचायतों को नए कार्य के लिए निर्माण सामग्री देने से कतरा रहे हैं।

मार्च में निर्माण सामग्री का भुगतान हो जाना चाहिए था, लेकिन चुनावी आचार संहिता के चलते भुगतान रुका तो बाद में भी बजट आवंटन ग्रामपंचायतों को नहीं हो सका। हालांकि ग्राम्य विकास विभाग को मांगपत्र कई बार भेजा गया है। बहराइच जिले के 1045 ग्रामपंचायतों पर मनरेगा के तहत खरीदी गई सामग्री का 25 करोड़ 39 लाख रुपये बकाया हो चुका है।

यह धनराशि पंचायतघर, शौचालय, ओपेन जिम पार्क, शोकपिट, आंगनबाड़ी केंद्र, तार फेंसिग, इंटरलाकिग, खड़ंजा, नाली आदि निर्माण के लिए मंगाई गई थी। इन सामग्रियों में ईंट, सीमेंट, गिट्टी, मौरंग, बालू सरिया शामिल है। सामग्री के भुगतान के मामले में बड़े बकाएदारों में मिहींपुरवा, चित्तौरा, नवाबगंज, बलहा, हुजूरपुर, शिवपुर ब्लाक शामिल है। यहां के ग्राम प्रधानों के लिए तकादेदारों को भरोसा दिलाकर नए निर्माण कार्य करा पाना मुश्किल हो गया है।

श्रमिकों का बकाया 177.52 लाख

महात्मा गांधी राष्ट्रीय गारंटी रोजगार योजना के तहत काम करने वाले श्रमिकों का भी 177.52 लाख रुपये बकाया है। इसमें से 58.59 लाख रुपये कुशल कारीगरों का है, जबकि 118.93 लाख रुपये अकुशल कारीगरों का है। इसके अलावा टैक्स की धनराशि 22.83 लाख रुपये बकाया है।

ब्लाकवार बकाया धनराशि

ब्लाक धनराशि

बलहा 258.77

चित्तौरा 419.11

हुजूरपुर 271.86

जरवल 26.54

कैसरगंज 82.99

महसी 139.61

मिहींपुरवा 515.04

नवाबगंज 335.59

फखरपुर 75.65 पयागपुर 18.65

रिसिया 58.24

शिवपुर 249.39

तेजवापुर 39.53

विशेश्वरगंज 48.39

(रुपये लाख में)

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कोट

भारत सरकार से धनराशि अवमुक्त हो गई है। उम्मीद है कि जल्द ही ग्रामपंचायतों को भुगतान हो जाएगा।

- केडी गोस्वामी, उपायुक्त श्रम रोजगार

Edited By: Jagran