प्रदीप तिवारी, बहराइच : मनरेगा मजदूरों के लिए राहत भरी खबर है। शासन ने सात रुपये मजदूरी दर में बढ़ोत्तरी की है। अब मजदूरी को 182 रुपये की दर से दैनिक मजदूरी मिलेगी। इस फैसले से 2.30 लाख मनरेगा मजदूरों को सीधा लाभ मिलेगा। बढ़ी मजदूरी की दर एक अप्रैल से लागू कर दी जाएगी।

जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना वर्ष 2007 में लागू हुई थी। मुख्य उद्देश्य गांवों में रोजगार मुहैया कराकर बेरोजगारों का पलायन रोकना है। योजना के तहत एक परिवार को साल में 100 दिनों के रोजगार मुहैया कराने की गारंटी दी गई है। मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों की संख्या लगभग पांच लाख है। इनमें 2.30 लाख मजदूरी ही सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। 50 फीसदी मजदूरों के जाबकार्ड तो बने हैं,लेकिन व काम से दूर हैं। उपायुक्त मनरेगा शेषमणि सिंह बताते हैं कि बढ़ती महंगाई के साथ साल दर साल मजदूरी में भी बढ़ोत्तरी की गई है। 80 रुपये से शुरू हुई मजदूरी 11 साल बाद 182 रुपये पहुंच गई है। इस वित्तीय वर्ष में सात रुपये की बढ़ाई गई है। इससे सक्रिय मजदूरों को फायदा मिलेगा। पिछले साल एक रुपये बढ़ी थी मजदूरी मनरेगा मजदूरी को इस बार सात रुपये मजदूरी बढ़ी मिलेगी। जबकि वर्ष 2018 में एक रुपये की बढ़ोत्तरी कर 175 रुपये की गई थी। वर्ष 2017 में 174 रुपये, वर्ष 2016 में 163 रुपये व वर्ष 2015 में 149 रुपये मजदूरी रही। चुनौती बनी 33 फीसद महिलाओं की भागीदारी

योजना में महिलाओं की भागीदारी चुनौती से कम नहीं है। जिले में 33 फीसदी महिलाओं को मनरेगा से जोड़ने में जिम्मेदार सफल नहीं हो पा रहे हैं। आंकड़ों में 28 फीसद महिलाएं काम कर रही हैं, लेकिन ये आंकड़ा महज कागजी ही है।

Posted By: Jagran