संसू, बहराइच : केंद्र व प्रदेश सरकार बेरोजगारों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं। पर, बैंकों की हीलाहवाली बेरोजगारों पर भारी पड़ रही है। जिला उद्योग केंद्र ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत आई 34 फाइलें बैंकों को भेजी। लेकिन बैंक ने 17 फाइलें निरस्त कर दी। सिर्फ एक को ही ऋण दिया। 16 फाइलें अभी अटकी हुई हैं। ऋण न मिलने से युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं।

ग्रामोद्योग विभाग की ओर से 311 लाख रुपये ऋण के लिए आर्यावर्त बैंक को पांच, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को दो-दो, इलाहाबाद बैंक को 10, बैंक ऑफ बड़ौदा को छह, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया को आठ व कॉरपोरेशन बैंक को एक फाइल भेजी थी। सिर्फ बैंक ऑफ बड़ौदा ने एक फाइल को स्वीकृत कर दिया है।

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बिना गारंटी दे सकते हैं 10 लाख तक ऋण :

जिला ग्रामोद्योग अधिकारी सुधीर दुबे कहते हैं कि 10 लाख रुपये तक बिना किसी गारंटी के बैंक ऋण दे सकते हैं। बशर्ते व्यक्ति पात्र हो। ऋण लेकर विभिन्न प्रकार के उद्यम स्थापित कर लोग स्वावलंबी बन सकते हैं।

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जिला ग्रामोद्योग विभाग की ओर से भेजी गई ऋण फाइलों के आधार पर बैंकों से ऋण स्वीकृति की सूचना मांगी गई है। सभी पात्रों को ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।

-बलराम साहू, एलडीएम

Posted By: Jagran

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