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कतर्नियाघाट के दौलतपुर में दहशत फैलाने वाला तेंदुआ पिंजरे में कैद, ग्रामीणों ने ली राहत की सांस

Published: Tue, 11 Aug 2026 04:17 PM (IST)

बहराइच के कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के मोतीपुर रेंज में मवेशियों का शिकार करने वाला तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।

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जागरण संवाददाता, बहराइच। कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के मोतीपुर रेंज के दौलतपुर गांव में कई दिनों से मवेशियों को शिकार बनाने वाला तेंदुआ आखिरकार पिंजरे में कैद हो गया। वन विभाग के अधिकारी तेंदुए को लेकर रेंज कार्यालय आए हैं। चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद तेंदुए को छोड़ा जाएगा।

मोतीपुर रेंज में बीते कई दिनों से तेंदुआ दिखाई पड़ने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल था। तेंदुए ने दो मवेशियों को भी अपना शिकार बना लिया था। इसके बाद से ग्रामीण लगातार तेंदुए को पकड़ने के लिए पिंजरा लगवाने की मांग वन विभाग के अधिकारियों से की थी।

प्रभागीय वनाधिकारी कतर्नियाघाट अपूर्व दीक्षित ने मामले को गंभीरता से लेकर अधिकारियों को पिंजरा लगाने के निर्देश दिए। इसके बाद दौलतपुर गांव के पास तेंदुए को पकड़ने लिए पिंजरा लगाया गया था। मंगलवार भोर पिंजरे में बंधी बकरी के शिकार के चक्कर में तेंदुआ पिंजरे में कैद हो गया।

जानकारी मिलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम उसे रेंज कार्यालय लेकर आई है। एसडीओ शिवाकांत शर्मा ने बताया कि पिंजरे में कैद तेंदुआ नर है।

उसकी उम्र लगभग सात वर्ष है। रेंज कार्यालय में तीन चिकित्सकों की टीम उसका चिकित्सीय परीक्षण करेगी। इसके बाद उच्चाधिकरियों के आदेश पर उसे छोड़ा जाएगा।

31 जुलाई को ककरहा में भी कैद हुआ था तेंदुआ

ककरहा रेंज के गांवों में तेंदुए के दिखने पर भी वन विभाग ने पिंजरा लगाया गया था। 31 जुलाई को मादा तेंदुआ बकरी के शिकार में पिंजरा में कैद हुई थी। उसे भी उच्चाधिकारियों के निर्देश पर कतर्नियाघाट के घने जंगल में छोड़ दिया।

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