जासं, बहराइच : कृषि विज्ञान केंद्र बहराइच प्रथम में गरीब कल्याण रोजगार अभियान के तहत प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस मौके पर प्रवासी श्रमिकों को स्वरोजगार व आत्मनिर्भर बनाने के लिए मशरूम उत्पादन की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का आरंभ प्रभारी अधिकारी डॉ. एमपी सिंह ने किया गया। प्रशिक्षण में 35 प्रशिक्षणार्थी शामिल हो रहे हैं।

उन्होंने तराई में मशरूम की खेती को रोजगार के रूप में अपनाने से होने वाले लाभ के बारे में बताया। कहा कि बटन मशरूम की शुरुआत कर 50 हजार प्रतिमाह की आय प्रवासी श्रमिक ले सकते हैं। डॉ. आरके पांडेय ने बताया कि बटन मशरूम उत्पादन में कंपोटिग और स्पॉननिग से 35 दिन में कंपोस्ट तैयार हो जाता है। उन्होंने मशरूम उत्पादन का महत्व एवं अच्छे बीज (स्पॉन) के चयन की विशेषताएं बताई। विज्ञानी डॉ. शैलेंद्र सिंह ने मशरूम की तुड़ाई एवं विपणन के बारे में बताया।

बताया कि मशरूम में उच्च स्तर प्रोटीन, विटामिन, फायबर, खनिज लवण और रोग प्रतिरोधक क्षमता स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। जिला उद्यान निरीक्षक रश्मि शर्मा व उद्यान सहायक आरके वर्मा ने मशरूम के महत्व, उत्पादन तकनीकी एवं अन्य विभागीय योजनाओं के बारे में बताया। डॉ. एसके पांडेय ने कृषि के साथ-साथ मशरूम उत्पादन कर आय को दुगना करने पर जोर दिया। नंदन सिंह, आभास, किसान शक्तिनाथ सिंह शामिल रहे।

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