बहराइच : सोमवार को जनपद एवं सत्र न्यायाधीश उपेंद्र कुमार ने अंतर्राष्ट्रीय गोल्फर ज्यो¨तदर ¨सह रंधावा व उनके साथी वायुसेना में कैप्टन रहे महेश विराजदार की जमानत अर्जी को खारिज कर दिया। लगभग डेढ़ घंटे चली अभियोजन व बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं के बहस के बाद अदालत ने अपना फैसला सुनाया।

डीजीसी क्रिमिनल संत प्रताप ¨सह ने बताया कि पूर्वान्ह 11.30 बजे जमानत पर बहस न्यायालय में शुरू हुई,जो 12.45 बजे तक चली। वन विभाग के अधिवक्ता के साथ बचाव पक्ष के अधिवक्ता बृजपाल ¨सह ने तर्क रखे। बहस सुनने के बाद न्यायाधीश ने इसे गंभीर अपराध मानते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दी। अंतर्राष्ट्रीय गोल्फर रंधावा व उनके साथी विराजदार को 26 दिसंबर को कतर्नियाघाट वन्यजीव प्रभाग के मोतीपुर वन क्षेत्र के खपरा वन चौकी के पास से अवैध शिकार में स्पेशल प्रोटक्शन टाइगर फोर्स ने गिरफ्तार कर इनके पास से जंगली मुर्गा, सांभर की खाल, 0.22 राइफल ब्लेसर जर्मनी, तीन खाली कारतूस व 80 ¨जदा कारतूस भी बरामद किया गया था। वन विभाग ने भारतीय वन अधनियम की धारा 26, 52 व वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की धारा 9, 27, 29, 31, 32, 38, 44, 49, 50 व 51 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद धारा 48(ए), 51(1)सी भी दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया था। इससे पूर्व दो बार सुनवाई हो चुकी है।

Posted By: Jagran

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