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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 08, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जेई संदिग्ध बालिका की मौत, एक ट्रामा सेंटर रेफर

By JagranEdited By:
Published: Sun, 08 Jul 2018 11:08 PM (GMT+05:30)

बहराइच : जिले में जापानी इंसेफलाइटिस व डेंगू बुखार ने दस्तक दे दिया है। जिला अस्पताल में दो बच्

जेई संदिग्ध बालिका की मौत, एक ट्रामा सेंटर रेफर
जेई संदिग्ध बालिका की मौत, एक ट्रामा सेंटर रेफर

बहराइच : जिले में जापानी इंसेफलाइटिस व डेंगू बुखार ने दस्तक दे दिया है। जिला अस्पताल में दो बच्चे जेई संदिग्ध पहुंचे हैं। जिनके सैंपल जांच को प्रयोगशाला भेजा गया है। इनमें एक की मौत हो गई है। दूसरे की हालत गंभीर होने पर ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया है। एक डेंगू पीड़ित मिला है। जिसका इलाज चल रहा है। 19 डेंगू संदिग्ध रोगियों सैंपल भरे गए हैं। मौसम में हो रहे बदलाव को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। जिला अस्पताल में 10 बेड का विशेष वार्ड आरक्षित किया गया है।

नवाबगंज ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम बक्शीचक निवासी केवला देवी (12) पुत्री आशाराम कई दिनों से तेज बुखार से पीड़ित चल रही थी। छह जुलाई को झटके आने व शरीर में ऐंठन शुरू होने से हालत गंभीर हो गई। पीड़िता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। जेई संदिग्ध होने पर रविवार को उसका सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया। हालत लगातार बिगड़ती देख चिकित्सकों ने उसे ट्रामा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया, जबकि छह वर्षीय सीमा की शनिवार को ही मौत हो चुकी है। चिकित्सक का कहना है कि एलाइजा परीक्षण कराया जा रहा है, जिससे जेई का सही आकलन हो जाएगा। जेई के साथ ही डेंगू ने भी पांव पसारना शुरू कर दिया है। अब तक हुए 14 सैंपलों की जांच में एक सैंपल पॉजिटिव मिला है। 19 संदिग्ध रोगियों के सैंपल और भरे गए हैं। जिन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। सोमवार तक उनके भी रिपोर्ट आए जाऐंगे। मौसम में बदलाव के चलते जेई व डेंगू के फैलने को लेकर स्वास्थ्य विभाग भी सक्रिय हो गया है। जिला अस्पताल के बर्न यूनिट में दस बेड आरक्षित किया गया है। इसके लिए जरूरी दवाएं व संसाधन भी जुटाए गए हैं, जिससे इलाज में किसी प्रकार की कमी आड़े न आए। सीएमओ डॉ. एके पांडेय ने बताया कि सीएचसी व पीएचसी प्रभारियों को सतर्क किया गया है। दवाओं के साथ अन्य सेवाओं की उपलब्धता करा दी गई है। चिकित्सकों को 24 घंटे केंद्र पर मुस्तैद रहने व संदिग्ध रोगियों को तत्काल एंबुलेंस के जरिए जिला अस्पताल पहुंचाने तक के बंदोबस्त के निर्देश दिए गए हैं।