बहराइच : कुपोषित व अति कुपोषित बच्चों को स्वस्थ बनाने के लिए बेहतर सुविधाएं दी जाएं। बच्चों को पोषाहार, आयरन, फोलिक एसिड की टेबलेट्स व टीकाकरण कराना सुनिश्चित करें। कुपोषित बच्चों का पंजीकरण ई-कवच एप पर कराएं।

यह बातें जिला स्वास्थ्य समिति व पोषण अभियान की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी डा. दिनेश चंद्र ने कहीं। कलेक्ट्रेट सभागार में बाल विकास पुष्टाहार विभाग के 'संभव' व अन्य कार्यक्रमों की समीक्षा की। डीएम ने कहा कि तीन अगस्त को विशेष अभियान चलाकर 50 हजार लोगों का टीकाकरण, 19 से 29 अगस्त तक राष्ट्रीय कृमि मुक्ति के लिए एक से 19 वर्ष तक के लोगों को कीड़े की दवा अल्बेंडाजाल खिलाई जाएगी। 18 वर्ष से कम आयु के उन 10 बच्चों को जिन्हें जिलाधिकारी व मुख्य विकास अधिकारी ने गोद लिया था, पोषाहार किट दिया गया।

जिला पोषण व कनवर्जेंस समिति की समीक्षा में डीपीओ ने कहा कि 42 अधिकारियों ने 84 गांवों को सुपोषित करने के लिए गोद लिया। इस डीएम ने इन गांवों में प्रत्येक माह निरीक्षण करने व जियो टैग कर फोटो उपलब्ध कराने को कहा। आंगनबाड़ी केंद्रों पर सत्यापन कराकर राशन वितरण के निर्देश दिए। डीपीओ ने बताया कि पोषण वाटिका में केला, सहजन, आंवला, तुलसी, सब्जियां लगाई गई हैं। डीएम ने करौंदा का पौधा भी लगाने को कहा। बलहा, नवाबगंज, शिवपुर, मिहींपुरवा में एनआरसी में भर्ती अति कुपोषित बच्चों की स्क्रीनिग न कराने पर डीएम नाराज हुए। सीडीओ कविता मीना, सीएमओ डा. एसके सिंह, सीएमएस डा. ओपी पांडेय, एसडीएम सदर सौरभ गंगवार, सीवीओ डा. बलवंत सिंह, डीपीआरओ उमाकांत पांडेय मौजूद रहे।

Edited By: Jagran