बहराइच : कैसरगंज के प्यारेपुर निवासी अबुबकर को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के गिरफ्तार करने के बाद आतंकवाद के मामले में फिर बहराइच का नाम सुर्खियों में आ गया है। उसका मंसूबा कामयाब होता, इससे पहले वह एटीएस के हत्थे चढ़ गया। नेपाल का सीमावर्ती यह इलाका दाऊद इब्राहिम के खानसामा जिब्राइल, मशरूर समेत कई आतंकियों का सीमावर्ती गांव सुरक्षित ठिकाना रहा है।

नेपाल की खुली सीमा दहशतगर्दों के लिए सुरक्षा कवच से कम नहीं हैं। पहले भी देश के विभिन्न स्थानों पर हुए आतंकी गतिविधियों में शामिल लोगों की बहराइच से गिरफ्तारी हो चुकी है। यूपी के संवेदनशील जिलों में शामिल बहराइच हिजबुल, आइएसआइ, सिमी, इंडियन मुजाहिद्दीन, अलकायदा, लश्कर-ए-तैएबा जैसे संगठन से जुड़े आतंकियों का पनहगाह रहा है।

अबूबकर की गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों की नजर अब सीमावर्ती जिले बहराइच पर है। पकड़े आतंकी के संपर्क में और कौन-कौन लोग रहे है। कहां-कहां इनका नेटवर्क है, इसकी पड़ताल सुरक्षा एजेंसियां कर रही है। बहराइच से गिरफ्तार आतंकियों का विवरण

- 12 अगस्त 2008 में पाकिस्तान की कराची निवासी आइएसआइ एजेंट व पाक जासूस मशरूर उर्फ रमेश चौधरी को रुपईडीहा स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया गया।

- 27 अक्टूबर 2013 को इंडियन मुजाहिदीन के आतंकी अफजल उस्मानी को गिरफ्तार किया गया।

- 2013 को आतंकी यासीन भटकल को भी बहराइच से गिरफ्तार किया गया।

- 2015 में लश्कर-ए-तैयबा के डिप्टी कमांडर इरफान की गिरफ्तारी हुई।

- 12 नवंबर 2016 को रावलपिडी निवासी पाकिस्तानी जासूस आसिफ हुसैन लोन गिरफ्तार।

कोट

बलरामपुर, श्रावस्ती व बहराइच जिले के पुलिस कप्तानों को इस बात के सख्त निर्देश दिए गए हैं कि सीमा से सटे थानों पर सतर्कता बरती जाए। नेपाल की ओर आने जाने वाले संदिग्धों पर विशेष नजर रखी जाए। मामले में लापरवाही कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

-डा. राकेश सिंह, पुलिस उप महानिरीक्षक, देवीपाटन मंडल

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